
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ‘जागरूकता महासम्मेलन’ में समाज की एकजुटता का बड़ा संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमूह ने सर्वसम्मति से मोहन प्रजापति को 12 वर्ष बाद पुनः संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना। समाज के गणमान्य लोगों ने उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाकर आशीर्वाद दिया और भविष्य के संघर्षों के लिए नेतृत्व की कमान सौंपी।


महासम्मेलन को संबोधित करते हुए नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने समाज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी की आशाओं पर खरा उतरने का पूर्ण प्रयास करेंगे। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “संगठन शोषण करने वाले दबंगों के खिलाफ मजबूती से लड़ रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसका असर साफ दिख रहा है; अब ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि मोर्चा ने ऐसी सैकड़ों लड़ाइयां लड़ी हैं, जिससे अति पिछड़ा वर्ग की हर जाति को न्याय मिला है।

राजनितिक हिस्सेदारी पर जोर देते हुए प्रजापति ने मांग की कि मंडल आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू किया जाए। साथ ही, उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक भेदभाव खत्म करने और समानता सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी (UGC) रेगुलेशन को सख्ती से लागू करने की वकालत की। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि आगामी चुनावों में एकजुट होकर अपने प्रतिनिधियों को कामयाब बनाएं।
महासम्मेलन की अध्यक्षता व संचालन वरिष्ठ नेता हरेंद्र पाल ने किया। इस दौरान समाज के प्रमुख व्यक्तियों को पगड़ी और पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश वालिया, मोदी लाल प्रधान, रणवीर सैनी, जिला अध्यक्ष विजय पाल, डॉ. ईश्वर प्रजापति, दिनेश पाल, सुखपाल कश्यप, इंद्रमल प्रजापति, ब्रजवीर धीमान, सुमित प्रजापति, कृष्णपाल सैन, सत कुमार प्रजापति, डॉ. राजवीर सिंह, कृष्णा प्रजापति, संजय, नाहर सैनी, बसंत कश्यप, राजू पाल, सुशील सभासद, सोनू प्रजापति, अजय सैनी, सुमन देवी और जगदीश प्रजापति सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।











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