
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद में प्रतिबंधित दवाओं के स्टाक व बिक्री को लेकर लखनऊ तक के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। जिला परिषद मार्किट के सामने स्थित चेतन मेडिकल स्टोर संचालक पर कार्रवाई के बाद बुधवार को जिला परिषद मार्किट में लखनऊ से बनी संयुक्त टीम जांच को पहुंचे। तीन सदस्यों की टीम ने जिला परिषद स्थित तीन मेडिकल एजेंसियों पर घंटो जांच की। संदिग्ध दवाइयों के नमूने जांच के लिए भरे गए हैं। अन्य कई दवा व्यापारी भी जांच के लिए चिन्हित किए गए है।
मुजफ्फरनगर के जिला परिषद मार्किट में 100 से अधिक दवा एजेंसी संचालित है। इसके आलवा अग्रवाल मार्किट, स्वरूप प्लाजा सहित गांधी कालोनी में बड़े स्तर पर थोक दवाइयों को लाइसेंस लेकर व्यापारी करोबार कर रहे हैं, लेकिन इन्हीं कारोबारियों के बीच से कुछ अधिक मुनाफा कमाने के लिए प्रतिबंधित दवाइयों व नशीली दवाइयों की सप्लाई मेडिकल स्टोरों पर कर रहे हैं। शहर के कच्ची सड़क, गांधी कालोनी सहित जिला परिषद मार्किट के सामने स्थित चेतन मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित दवाइयां जब्त कर व्यापारियों को जेल भेजा गया है। इस समस्या को खत्म करने के लिए जिले में जांच के लिए लखनऊ से टीम बनाकर भेजा गया है। टीम में स्थानीय औषधि निरीक्षक पवन शाक्या सहित मेरठ के डीआई पीयूष कुमार व बुलंदशहर के डीआई अनिल आनंद को शामिल किया है। जांच की कड़ी में बुधवार को जिला परिषद मार्किट में क्वालिटी मेडिसीन को, जगदीश मेडिसीन कंपनी और आनंद मेडिकल एजेंसी पर टीम ने घंटों जांच की। इस दौरान उनके प्रतिष्ठान में रखी दवाइयों के साथ क्रय-विक्रय के बिलों की जांच की गई है। टीम ने संदिग्ध दवाइयों की जांच के सैंपल भरे।
औषधि निरीक्षक पवन शाक्या ने बताया कि आनंद मेडिकल एजेंसी से मौक्स कैप्शूल, जगदीश मेडिसीन से एमोक्साइन सीवी 625 व लिनीजोलिड 600 तथा क्वालिटी मेडीसिन से जोकोन 50डीटी, व जोकोन 200 दवाओं के सैंपल भरे गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। टीम की जांच अभी जारी रहेगी।
Post Views: 186













Total views : 209549