
लोकपथ लाइव, डेस्क। यूपी बोर्ड परीक्षा नजदीक है और छात्र जोर-शोर से अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। अधिकतर परीक्षार्थी परीक्षा की तैयारी के दौरान हिंदी विषय को कमजोर मानकर छोड़ देते हैं, जिसका सीधा असर उनकी मैरिट और अंकपत्र पर पड़ता है। हिंदी में कम नंबर आने से कुल प्रतिशत घट जाता है। अगर छात्र थोड़ी रणनीति और सही दिशा में तैयारी करें, तो हिंदी में भी भरपूर अंक हासिल किए जा सकते हैं, जिससे मैरिट बनती है।


सीता सरण इंटर कालेज खतौली के हिंदी विषय के प्रवक्ता राजेश कुमार ने बताया कि हिंदी एक बेहद रोचक और सरल विषय है। पहले की तुलना में हिंदी का पाठ्यक्रम अब काफी सीमित और व्यवस्थित हो गया है। इसमें गद्य, कहानी, काव्य, संस्कृति दिग्दर्शिका और व्याकरण के भाग शामिल हैं। अगर छात्र क्रमबद्ध तरीके से पढ़ाई करें, तो हिंदी में अच्छे अंक पाना बिल्कुल मुश्किल नहीं है।

परीक्षार्थी पाठ्यक्रम को समझकर करें तैयारी
हिंदी शिक्षक राजेश कुमार का कहना है कि हिंदी में अपठित गद्यांश, व्याकरण, शब्द रूप, धातु रूप, संधि, प्रत्यय, उपसर्ग, समास, रस, छंद और अलंकार से प्रश्न पूछे जाते हैं। बच्चों को पहले पूरे सिलेबस की स्पष्ट समझ बनानी चाहिए। अब प्रश्नों का पैटर्न भी बदल चुका है, इसलिए पुराने तरीके से नहीं, बल्कि नए पैटर्न के अनुसार तैयारी करना जरूरी है।
गद्य और काव्य में ऐसे मिलेंगे पूरे नंबर
उन्होंने बताया कि अब गद्य के एक पाठ से पांच प्रश्न पूछे जाते हैं। इन सभी प्रश्नों के उत्तर उसी गद्यांश में छिपे होते हैं। छात्रों को ध्यान से पाठ पढ़कर उसी अनुच्छेद से उत्तर ढूंढकर लिखना चाहिए, ऐसा करने पर पूरे 10 नंबर मिल सकते हैं। काव्य भाग में रेखांकित अंश की व्याख्या, संदर्भ और प्रसंग से जुड़े प्रश्न आते हैं, जिनकी तैयारी से अच्छे अंक मिलते हैं।











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