Select Language :

Home » राजनीति » शराब पीकर ड्राइविंग करने पर रद्द होगा ड्राइविंग लाइसेंस!

शराब पीकर ड्राइविंग करने पर रद्द होगा ड्राइविंग लाइसेंस!

कंद्रीय मंत्री गडकरी की सख्त चेतावनी, नियमों में होगा बड़ा बदलाव
ओ.पी. पाल (लोकपथ लाइव), नई दिल्ली: देश में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़ों पर चिंता जताते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें सरकार अब शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों में नरमी बरतने के मूड में नहीं है। मसलन यदि कोई चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा।

How to Make a News Portal

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हैबिटेट सेंटर में सीआईआई के तत्वावधान में आयोजित नेश्नल कन्क्लेव ऑफ रोड सेफ्टी विषय पर आयोजित समारोह में स्पष्ट रुप से कहा कि यदि कोई चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा को एक जन-आंदोलन बनाएं और ‘सुरक्षित भारत’ के सपने को साकार करने में सहयोग दें।

नियमों में होगा बड़ा बदलाव
अब तक शराब पीकर गाड़ी चलाने पर भारी जुर्माना या कुछ महीनों के लिए लाइसेंस निलंबन का प्रावधान था, लेकिन नई प्रस्तावित गाइडलाइंस पर कोई अमल होता नहीं दिखा है। अब सरकार नियमों में बदलाव करने के तहत सरकार अब पारंपरिक लाइसेंसिंग व्यवस्था को समाप्त कर ‘ग्रेड-बेस्ड ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम’ लागू करने की योजना बना रही है। इस नई व्यवस्था का मुख्य केंद्र बिंदु ‘जिम्मेदार ड्राइविंग’ और ‘ड्राइवर का अनुभव’ होगा।

लापरवाही पर घटेगा लाइसेंस का ग्रेड
इस सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता ‘पेनल्टी’ क्लॉज है। यदि कोई ड्राइवर यातायात नियमों का उल्लंघन करता है या दुर्घटना का कारण बनता है, तो उसके लाइसेंस का ग्रेड घटा दिया जाएगा। ग्रेड कम होने का सीधा असर बीमा प्रीमियम और ड्राइविंग अधिकारों पर पड़ेगा। इससे ड्राइवरों में कानून के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। परिवहन मंत्रालय इस सिस्टम को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना बना रहा है। इसमें हर ड्राइवर का एक ‘डिजिटल स्कोरकार्ड’ होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में 30-40% की कमी आएगी, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भारत की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक भी बनाएगा।

केंद्रीय सर्वर से जुड़ेगा ड्राइवर का डेटा
इसमें गंभीर मामलों या बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस को स्थायी रूप से ‘ब्लैकलिस्ट’ किया जा सकता है। हर ड्राइवर का डेटा केंद्रीय सर्वर से जुड़ा होगा, जिससे एक राज्य में लाइसेंस रद्द होने पर वह दूसरे राज्य से नया लाइसेंस नहीं बनवा पाएगा। लाइसेंस रद्द होने के साथ-साथ जेल की अवधि और भारी आर्थिक दंड का भी प्रावधान सख्त किया जाएगा।

हादसों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
गडकरी ने कहा कि मानवीय गलतियों और लापरवाही के कारण हजारों परिवार उजड़ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ दूसरों की जान जोखिम में डालना नहीं है। जो लोग शराब पीकर सड़कों पर उतरते हैं, वे न केवल कानून तोड़ रहे हैं, बल्कि संभावित हत्यारे के रूप में घूम रहे हैं। अब ऐसे लोगों को सड़क पर गाड़ी चलाने का कोई अधिकार नहीं होगा।

तकनीक से होगी निगरानी
गडकरी ने यह भी संकेत दिया कि राजमार्गों पर आधुनिक सेंसर्स और ‘एल्को-मीटर’ से लैस इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं। ये सिस्टम संदिग्ध ड्राइविंग पैटर्न को पहचान कर नजदीकी पुलिस चेकपोस्ट को तुरंत अलर्ट भेजेंगे। गडकरी ने बताया कि हाईवे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं, जो सेंसर्स और एल्को-मीटर से लैस होंगे। यही नहीं इसमें संदिग्ध ड्राइविंग पैटर्न (जैसे टेढ़ी-मेढ़ी गाड़ी चलाना) को तुरंत पहचान हो सकेगी।

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

वोट करें

Are You Satisfied Lokpath Live

Our Visitor

0 7 2 3 4 6
Total views : 226058

Follow us on