
भाकियू ने यूपी सीएम के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले उत्तर प्रदेश में किसान संगठनों की आड़ में मिट्टी खनन, अपराधियों के पक्ष में आंदोलन करने जैसे अवैध कार्यों में लिप्त लोगों व किसान संगठनों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की। किसानों ने इसके लिए यहां कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम कार्यालय के समक्ष धरना देकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को ज्ञापन सौंपा।


भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक के नेतृत्व में किसानों ने किसान संगठनों की आड़ में मिट्टी खनन, अपराधियों के पक्ष में आंदोलन करने जैसे अवैध कार्यों में लिप्त लोगों व किसान संगठनों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर धरना दिया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को ज्ञापन सौंपते हुए ऐसे संगठनों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कर सख्त कार्यवाही की मांग की। सीएम के नाम ज्ञापन में योगी सरकार द्वारा प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सुशासन तथा अवैध गतिविधियों पर कठोर व निष्पक्ष कार्रवाई के लिए अभिनंदन करते हुएकही गया कि पगदेश सरकार द्वारा यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश को किसी भी प्रकार की गैरकानूनी, शोषणकारी अथवा समाज-विरोधी व्यवस्था का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। लेकिन दुर्भाग्यवश, कुछ तथाकथित किसान संगठन इन उपलब्धियों की अनदेखी करते हुए किसानों को भ्रमित करते हैं और उग्र आंदोलनों के लिए उकसाते हैं, जिससे प्रशासनिक कार्य बाधित होने के साथ सड़क एवं रेल यातायात प्रभावित होता है और आम जनता परेशान होती है, जिससे वास्तविक किसान हित पीछे छूट जाते हैं।

भकियू के सुझाव व मांग
ज्ञापन में भकियू सुझाव दिये हैं कि प्रदेश में ऐसी पंजीकरण व्यवस्था लागू हो, जिसमें सभी किसान संगठनों का सरकारी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो तथा उनके पदाधिकारियों का विवरण सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध हो। वहीं वार्ता के लिए सरकार द्वारा जिला व मंडल स्तर पर ऐसे अधिकृत मंच बने, जहां पंजीकृत संगठनों से ही तय संख्या में ही उनके प्रतिनिधियों से वार्ता की जाए। भ्रामक प्रचार पर रोक लगे
सोशल मीडिया एवं सभाओं में फैलायी जा रही अफवाहों एवं गलत सूचनाओं पर सख्त कार्यवाही हो। किसानों को सीधी जानकारी मिले
सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक सीधे एसएमएस, ऐप और पंचायत स्तर पर पहुंचे। अराजक आंदोलनों पर कानूनी कार्रवाई हो, जो संगठन बार-बार कानून-व्यवस्था बिगाड़ते हैं, उन पर सख्त कार्यवाही हो। किसान दिवस में केवल पंजीकृत संगठन को ही मौका दिया जाय। प्रत्येक संगठन का समय एवं संख्या निश्चित की जाय। किसान दिवस का आयोजन तहसील स्तर पर रोटेशन के आधार पर किया जाये। इसके अलावा खेती किसानी के के अलावा अन्य मुद्दों पर रोड जाम, धरना प्रदर्शन करने वाले संगठनों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज करने की मांग भी सरकार से की गई है।











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