
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के पूर्व आह्वान पर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने जिला अस्पताल में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रदेश प्रभारी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान अपनी गाड़ियों के साथ सीएमओ (CMO) कार्यालय पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसानों ने जिला अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता है। प्रसव (डिलीवरी), अल्ट्रासाउंड के नाम पर 400 से 500 रुपये और यहां तक कि कर्मचारियों की जॉइनिंग कराने के लिए 20,000 से 30,000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। भाकियू तोमर के नेताओं ने आरोप लगाया कि आपसी झगड़े के मामलों में मोटी रकम लेकर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसके आधार पर पुलिस को मजबूरन बड़ी धाराओं में मुकदमे दर्ज करने पड़ते हैं। इसके अलावा डॉक्टरों पर आरोप है कि वे अस्पताल आने वाले मरीजों को 90 प्रतिशत दवाइयां बाहर की लिखते हैं और बाहर के निजी सेंटरों से जांचें कराकर मोटा कमीशन डकार रहे हैं। वरिष्ठ डॉक्टर खुद ऑपरेशन थिएटर में जाने के बजाय जूनियर लड़कों के भरोसे मरीजों की जान छोड़ देते हैं और ओपीडी में भी समय से नहीं पहुंचते हैं।
धरने के दौरान सरकारी डॉक्टरों द्वारा अपने निजी अस्पताल चलाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों के इस उग्र और तल्ख रूप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी बैकफुट पर नजर आए। कलेक्ट्रेट और स्वास्थ्य विभाग में लगभग 3 घंटे तक चले भारी हंगामे के बाद सीएमओ और नायाब तहसीलदार ने खुद मौके पर पहुंचकर किसानों को शांत कराने का प्रयास किया। संगठन की ओर से अस्पताल के सभी सीसीटीवी कैमरे तुरंत चालू करने, भ्रष्टाचार पर पूरी तरह रोक लगाने और मरीजों को मिलने वाले खून के बदले वसूले जा रहे 1400 रुपयों पर सख्त स्पष्टीकरण मांगा गया है। भाकियू (तोमर) ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 5 दिन के भीतर उनकी सभी 18 मांगों का ठोस समाधान नहीं किया गया, तो संगठन जिला अस्पताल में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने को विवश होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी मुजफ्फरनगर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की होगी। हालांकि, मौके पर पहुंचे सीएमओ और नायाब तहसीलदार द्वारा सभी जायज मांगों को जल्द पूरा करने के मजबूत आश्वासन के बाद संगठन ने अपना धरना समाप्त किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर मुख्य रूप से नगर अध्यक्ष आशीष शर्मा, प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सैनी, साजिद अल्वी, नौशाद अल्वी, शानू चौधरी, जग्गम, मुकेश गुर्जर, अरुण कश्यप, विनीत त्यागी और अमित सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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