
लोकपथ लाइव, गौतमबुद्धनगर। कभी शौक के तौर पर शुरू हुआ काम आज वैश्विक मंच पर पहचान बनाकर चमक रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महिलाओं ने अपने हुनर और कला को व्यापार से जोड़कर खुद को सफल महिला उद्यमियों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर लिया है। गौतमबुद्धनगर में आयोजित ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो’ में मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और सहारनपुर की इन स्वावलंबी महिलाओं की मेहनत और नवाचार अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच अपनी मजबूत छाप छोड़ रहे हैं।
मुजफ्फरनगर की मिताशी जैन का स्टाल बना आकर्षण का केंद्र: मुजफ्फरनगर की उद्यमी मिताशी जैन ने ट्रेड शो में ‘शीतल लेजर आर्ट गैलरी’ नाम से अपना भव्य स्टॉल लगाया है। एक उद्यमी परिवार से ताल्लुक रखने वाली मिताशी ने लेजर कटिंग तकनीक से तैयार होम डेकोरेशन आइटम्स प्रदर्शित किए हैं। ट्रेड शो में लेजर तकनीक से बनाए गए नक्काशीदार मंदिर, कलात्मक सीनरी और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद खरीदारों को बेहद पसंद आ रहे हैं, जिससे उनके स्टॉल पर भारी बिक्री दर्ज की जा रही है।
मेरठ की हरप्रीत कौर की पीतल से बनी कलाकृतियों का बजा डंका: मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी हरप्रीत कौर अपनी फर्म ‘सॉल फॉर अर्थ’ के माध्यम से पीतल धातु से बनी आकर्षक कलाकृतियाँ और ट्रॉफियाँ लेकर पहुँची हैं। हरप्रीत का कहना है कि प्रदेश सरकार की प्रोत्साहन नीतियों के चलते महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों को इतने बड़े मंच पर लाने का मौका मिला है। उनके पीतल उत्पाद अब भारत ही नहीं, बल्कि विदेशी बाजारों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
चित्रकारी का शौक बना गाजियाबाद की महिलाओं का कारोबार: गाजियाबाद के बजरिया से आई अंजली ने ‘अंजली क्रिएशन’ के माध्यम से कपड़ों पर की गई कलात्मक चित्रकारी के उत्पाद पेश किए हैं। चित्रकारी के अपने शौक को उद्यम में बदलने के लिए उन्होंने जिला ग्रामोद्योग विकास से ऋण लिया और सादे कपड़ों पर पेंटिंग का काम शुरू किया। उनके तैयार किए सूट, दुपट्टे और ट्राउजर 10 हजार रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। अंजली अपने इस कारोबार से सात अन्य महिलाओं को नियमित रोजगार भी दे रही हैं। वहीं, गाजियाबाद के वसुंधरा की प्रतिभा त्यागी ‘प्रतिभा डिजाइनर हब’ के जरिए हैंडमेड सूट, दुपट्टे, लहंगे और जूट के बैग्स लेकर ट्रेड शो में पहुँची हैं, जहाँ उनके हस्तनिर्मित उत्पादों को नया बाजार मिल रहा है।
सहारनपुर की सुधा सैनी लगातार लगा रही ट्रेड शो में स्टाल: सहारनपुर के नांगल क्षेत्र की सुधा सैनी ‘चलोरी स्वयं सहायता समूह’ का सफल संचालन कर रही हैं। वे लगातार चौथी बार ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस ट्रेड शो का हिस्सा बनी हैं। सुधा का कहना है कि इस अंतरराष्ट्रीय मंच ने उनके गाँव-कस्बे में तैयार होने वाले हस्तशिल्प उत्पादों को स्थानीय सीमाओं से बाहर निकालकर वैश्विक बाजार तक पहुँचाने में बेहद अहम भूमिका निभाई है।
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