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बागपत: बैरिकेडिंग तोड़ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर चढ़े किसान, पुलिसबल से तीखी नोकझोंक,  बड़ौत तहसील में भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत के नेतृत्व में  प्रदर्शन 

गांगनौली कट की मांग को लेकर 98 दिनों से धरने पर हैं किसान,
लोकपथ लाइव, बागपत: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गांगनौली गांव के पास स्थायी कट की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने पुलिस की भारी घेराबंदी और बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए एक्सप्रेसवे पर तिरंगा ट्रैक्टर यात्रा निकाली। अस्थायी कट से शुरू हुई यह यात्रा बिजरौल कट तक लगभग 12 किलोमीटर लंबी रही, जिससे एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ। एक्सप्रेसवे से उतरने के बाद किसान बड़ौत तहसील परिसर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।

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पुलिसबल से तीखी नोकझोंक, बैरिकेडिंग उखाड़ जमाया कब्जा
गांगनौली में किसान पिछले 98 दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं। स्वतंत्रता दिवस पर एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर यात्रा निकालने के एलान के चलते प्रशासन ने गांगनौली कट पर भारी पुलिसबल तैनात कर रखा था। शनिवार को भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने धरना स्थल पर ध्वजारोहण किया, जिसके बाद किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ एक्सप्रेसवे की ओर रुख किया। अपर जिलाधिकारी विनीत उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण चौहान, एसडीएम बड़ौत बालकृष्ण सिंह और सीओ अंशु जैन ने भारी पुलिस बल के साथ किसानों को रोकने का काफी प्रयास किया। इस दौरान अधिकारियों और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। किसान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को जबरन हटाकर एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए। देखते ही देखते एक्सप्रेसवे पर 1 किलोमीटर से अधिक लंबी ट्रैक्टरों की कतार लग गई। स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एक हिस्से को एकतरफा (वन-वे) कर यातायात को संचालित कराया।

टटीरी कट पर रोके गए किसान, हाईवे के रास्ते गांगनौली भेजे गए
गांगनौली कट की यात्रा में शामिल होने आ रहे भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर के नेतृत्व वाले जत्थे को प्रशासन ने टटीरी कट पर ही रोक दिया। उप जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह ने क्रेन और बैरिकेड्स लगाकर हाईवे पर किसानों को रोका और समझा-बुझाकर एक्सप्रेसवे पर चढ़ने नहीं दिया। इसके बाद इस जत्थे को दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे के वैकल्पिक मार्ग से गांगनौली की तरफ भेजा गया।

जनता की तकलीफ के लिए खेद, लेकिन प्रशासन की लापरवाही जिम्मेदार: नरेश टिकैत
बिजरौल कट से एक्सप्रेसवे से नीचे उतरकर किसान बड़ौत तहसील पहुंचे। वहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि अगर ट्रैक्टर यात्रा के कारण आम वाहन चालकों या जनता को कोई असुविधा हुई है तो वह इसके लिए खेद जताते हैं। हालांकि, उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि तिरंगा ट्रैक्टर यात्रा की चेतावनी डेढ़ महीने पहले ही दे दी गई थी। ऐसे में पुलिस-प्रशासन को वाहन चालकों के सुगम आवागमन के लिए पहले से ही डायवर्जन व्यवस्था करनी चाहिए थी। उन्होंने साफ किया कि जब तक गांगनौली में कट की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

अधिकारियों ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन
बड़ौत तहसील में अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच काफी देर तक वार्ता चली। उप जिलाधिकारी बालकृष्ण सिंह के अनुसार, किसानों की मांगों को लेकर उच्च अधिकारियों और एनएचएआई के प्रतिनिधियों से बातचीत जारी है और जल्द ही कोई सर्वमान्य समाधान निकाल लिया जाएगा। इस तिरंगा ट्रैक्टर यात्रा में गौरव टिकैत, राठी खाप चौधरी कृष्ण देव राठी, चौधरी शोकिंद्र भैंसवाला, चौधरी रविंद्र लाख, चौधरी संजय कालखंडे लिलोन, चौधरी रविंद्र मलिक, चौधरी जितेंद्र धामा, थांबा चौधरी आजाद सिंह, राजेंद्र चौधरी तथा बिजेंद्र प्रधान सहित खाप चौधरी व बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।

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