
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। सावन महीने की शुरुआत में भले ही अभी लगभग दो हफ्ते का समय बचा हो, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा की भव्य रौनक अभी से दिखाई देने लगी है। गंगोत्री, ऋषिकेश और हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर शिवभक्त भारी संख्या में शहर की सीमा में प्रवेश करने लगे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) से लेकर शहर की मुख्य सड़कों तक, चारों तरफ केसरिया रंग का सैलाब उमड़ पड़ा है। पूरा माहौल ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान है।
भीषण गर्मी पर भारी पड़ी आस्था, दंडवत साधना कर बढ़ रहे भक्त
मौसम की तीखी धूप और उमस भरे वातावरण के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। इस बार की यात्रा में आस्था के कई विहंगम और कठिन स्वरूप देखने को मिल रहे हैं। कुछ शिवभक्त जमीन पर दंडवत प्रणाम करते हुए अत्यंत कठिन साधना के साथ आगे बढ़ रहे हैं, तो वहीं कई श्रद्धालु कंधों पर भारी-भरकम कांवड़ उठाए अपनी मंजिल की ओर अग्रसर हैं।
अखिलेश यादव को दोबारा CM बनाने की मन्नत लेकर पहुंचा कांवड़िया
इस धार्मिक यात्रा के बीच राजनीति और व्यक्तिगत आस्था का एक अनूठा संगम भी देखने को मिला। मुजफ्फरनगर पहुंचे कांवड़ियों के जत्थे में एक ऐसा शिवभक्त भी शामिल है, जिसने अपनी कांवड़ पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर लगा रखी है। वह भगवान शिव से अखिलेश यादव को दोबारा उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की मन्नत लेकर यात्रा कर रहा है, जो राहगीरों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
गर्मी से बचने को रात का सफर, प्रशासन मुस्तैद
दिन के समय चिलचिलाती धूप से बचने के लिए अधिकांश कांवड़ियों ने अपनी रणनीति बदली है। श्रद्धालु दिन में कांवड़ शिविरों में विश्राम, स्नान और पूजा-अर्चना करते हैं और शाम ढलते ही रात के सफर पर निकल पड़ते हैं। फिलहाल मुजफ्फरनगर के रास्तों से दूर-दराज के राज्यों और जिलों के कांवड़िये गुजर रहे हैं, जबकि स्थानीय शिवभक्तों का हरिद्वार जाना अभी बाकी है।
कांवड़ियों की बढ़ती आमद को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। कांवड़ मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और तीसरी आंख (CCTV कैमरों) के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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