
, विजयवाड़ा/अमरावती: परम पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज के अखंड पुरुषार्थ और आंध्र प्रदेश सरकार के संकल्प के समन्वय से आज अमरावती की पावन धरती योगमय हो उठी। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर कृष्णा नदी के सुरम्य तट पर पतंजलि योगपीठ और राज्य सरकार के संयुक्त तत्वाधान में एक विशाल योग शिविर का आयोजन किया गया। इस वर्ष “स्वस्थ आयु के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) की वैश्विक थीम पर आयोजित इस मुख्य समारोह में हजारों योग साधकों ने हिस्सा लिया।


मंच से स्वामी रामदेव ने पूरे देश और दुनिया को ‘योगमय राष्ट्र व योगमय विश्व’ बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि हमारे पूज्य ऋषियों द्वारा पूरे विश्व को दिया गया विज्ञान, विरासत और सबसे बड़ा योगदान है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने योग गुरु स्वामी रामदेव की सराहना करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर पर योग को स्थापित करने वाला ‘विश्व का योगगुरु’ बताया। मुख्यमंत्री ने अपने विजन
को साझा करते हुए कहा कि वह पिछले तीन दशकों से राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और तकनीक को बढ़ावा दे रहे हैं, और स्वामी जी तीन दशकों से योग का प्रसार कर रहे हैं। अब समय आ गया है जब हम तकनीक और आध्यात्मिकता को एक साथ जोड़ें। हमारा लक्ष्य आंध्र प्रदेश को सिर्फ एक टेक्नोलॉजी हब बनाना नहीं, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर ‘स्पिरिच्युअल एवं वेलनेस हब’ के रूप में विकसित करना है। मुख्यमंत्री ने संकल्प लिया कि योग को एक जन आंदोलन बनाकर राज्य के हर घर तक पहुँचाया जाएगा।

सूर्योदय के साथ 45 मिनट का कड़ा योग प्रोटोकॉल
स्टेडियम सुबह 6 बजे से पहले ही योग साधकों से खचाखच भर चुका था, जिसकी सराहना करते हुए स्वामी जी ने आंध्र की जनता को ‘योगी आत्मा’ कहा। सुबह ठीक 5 बजे से कार्यक्रम की पृष्ठभूमि तैयार हो गई थी। सरकारी योग प्रोटोकॉल के अनुसार स्वामी रामदेव, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने एक साथ योगाभ्यास शुरू किया। 45 मिनट की इस मानकीकृत योग दिनचर्या में साधकों को ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन और त्रिकोणासन का अभ्यास कराया गया। इसके बाद बैठकर और लेटकर किए जाने वाले आसनों में मकरासन, भुजंगासन, सेतुबंधासन और पवनमुक्तासन खंड का अभ्यास हुआ। अंत में भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायामों के साथ ध्यान और विश्व शांति का संकल्प लिया गया। स्वामी जी ने प्राणायाम को ‘ब्रह्मविद्या’ बताते हुए इसे शरीर के लिए ‘नैनो व पिको मेडिसिन’ करार दिया।
आचार्य बालकृष्ण की अद्भुत पुस्तक ‘योगर्षियोगनिघण्टु:’ का विमोचन
इस पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक क्षण तब आया जब मंच पर आचार्य बालकृष्ण जी महाराज द्वारा रचित अद्भुत ग्रंथ “योगर्षियोगनिघण्टु:” का विमोचन किया गया। इस पुस्तक की विशिष्टता बताते हुए आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि योग के इतिहास में पहली बार कुल 5199 योग क्रियाओं का प्रामाणिक दस्तावेजीकरण किया गया है। इसमें 3753 योगासन, 55 प्रकार के प्राणायाम, 721 बंध मुद्राएं, 120 ध्यान विधियां, 150 शोधन क्रियाएं तथा 400 यौगिक व्यायाम संकलित हैं। यह पुस्तक संस्कृत और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश आयुष विभाग की पुस्तक ‘आयुष आरोग्य सूत्रावली’ का भी विमोचन हुआ, जिसे ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन’ में स्थान मिला है।
पीएम मोदी का जताया आभार, बच्चों को मिला ‘एडवांस योग’ का मंत्र
स्वामी रामदेव ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों और वैश्विक संकल्प के कारण ही संयुक्त राष्ट्र में 177 देशों के समर्थन से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को यह मुकाम मिला है। आज उन्हीं की प्रेरणा से देश ‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में अग्रसर है। कार्यक्रम के दौरान पतंजलि गुरुकुलम्, आचार्यकुलम् और पतंजलि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मल्लखंभ (योग स्तूप) और रज्जु योग (Rope Yoga) के अत्यंत कठिन और एडवांस आसनों का प्रदर्शन कर दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। युवाओं के मानसिक तनाव को देखते हुए स्वामी जी ने ‘योगा फॉर यूथ, योगा फॉर स्टूडेंट एंड योगा फॉर चिल्ड्रन’ का मंत्र देते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन कम से कम 5 एडवांस योग क्रियाएं जरूर सिखाएं।
केंद्रीय मंत्रियों और दिग्गज राजनेताओं की रही उपस्थिति
इस भव्य योग अनुष्ठान में राजनीति और प्रशासन जगत की कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपति राजू श्रीवास वर्मा, आंध्र प्रदेश के HRD व IT मंत्री नारा लोकेश, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सत्य कुमार यादव, पर्यटन व संस्कृति मंत्री कंदुला दुर्गेश, विजयवाड़ा के सांसद केसिनेनी श्रीनिवास (नानी) और विधायक श्री बोंडा उमामहेश्वर राव उपस्थित रहे। वहीं समारोह को सफल बनाने में पतंजलि योग समिति की मुख्य महिला केंद्रीय प्रभारी डॉ. साध्वी देवप्रिया, मुख्य केंद्रीय प्रभारी भाई राकेश ‘भारत’, स्वामी परमार्थदेव, पतंजलि के मुख्य प्रवक्ता श्री एस.के. तिजारावाला और आस्था चैनल के सीईओ श्री प्रमोद जोशी ने पर्दे के पीछे रहकर अग्रणी भूमिका निभाई। अंत में मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित नागरिकों को योगव्रती और स्वदेशीव्रती बनकर राष्ट्र सेवा करने की शपथ दिलाई।











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