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मुजफ्फरनगर में 42 डिग्री तापमान, प्रशासन ने जारी किया यह अलर्ट

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर।  जिले में आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती गर्म हवाओं (लू) ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बढ़ते पारे के बीच जिले में हीट स्ट्रोक का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है, जिसका सीधा और घातक असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखने लगा है। जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक, तेज बुखार, उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है, जिससे अस्पताल के वार्ड फुल होने लगे हैं और मरीजों को भर्ती करने के लिए तीमारदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने विस्तृत एडवाइजरी जारी कर मुजफ्फरनगर के नागरिकों को बेहद सतर्क रहने की हिदायत दी है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक का समय सबसे ज्यादा खतरनाक है, इसलिए इस दौरान लोग किसी भी सूरत में खुली धूप में बाहर न निकलें। उन्होंने कहा कि इस मौसम में बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। विशेष रूप से छोटे बच्चों और पालतू जानवरों को बंद गाड़ियों में अकेला छोड़ना भारी पड़ सकता है, क्योंकि बंद कार का तापमान कुछ ही मिनटों में भट्टी जैसा हो जाता है।
प्रशासन के मुताबिक, यह हीट वेव शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को सीधे प्रभावित कर रही है। यदि किसी को कमजोरी, चक्कर आना, तेज सिरदर्द, घबराहट, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत जिला अस्पताल या नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें। एडवाइजरी में लोगों को सूती और ढीले कपड़े पहनने, बाहर निकलते समय सिर-चेहरे को गीले कपड़े या छाते से ढकने तथा शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी गई है। लोगों से नींबू पानी, ओआरएस, छाछ और मौसमी तरल पदार्थों का अधिक सेवन करने तथा गर्मी में जल्दी खराब होने वाले बासी व संक्रमित भोजन से दूर रहने को कहा गया है। कड़े रुख के साथ जिला प्रशासन ने मुजफ्फरनगर के सभी सरकारी कार्यालयों में प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) किट रखना अनिवार्य कर दिया है। एडीएम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी दफ्तर में यह किट नहीं मिली, तो सीधे विभागाध्यक्ष (HOD) की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही कार्यस्थलों पर ठंडे पानी के इंतजाम और कर्मचारियों को धूप से बचाने के निर्देश दिए गए हैं। इंसानों के साथ-साथ बेजुबान पशु-पक्षियों के प्रति
संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रशासन ने लोगों से छतों और बालकनी में पानी के बर्तन रखने की भावुक अपील की है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को 24 घंटे के लिए एक्टिव कर दिया गया है। नागरिक किसी भी मदद के लिए टोल फ्री नंबर 1077, 0131-2436918 या 9412210080 पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं।

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