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फर्जी फर्में बनाकर करोड़ों की GST धोखाधड़ी करने वाले CA समेत 7 गिरफ्तार

लोकपथ लाइव, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी कंपनियां बनाकर और आम लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी करने वाले दो बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इन दोनों मामलों में अब तक एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर फर्जी फर्मों और बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़पने का आरोप है।
पहला मामला: सीए की मिलीभगत से करोड़ों की GST धोखाधड़ी
मीडिया रिपोट्स के अनुसार पहला मामला यशस्वी शर्मा नामक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उनकी फर्म ‘मेसर्स स्वस्तिक एंटरप्राइजेस’ और उसके जीएसटी क्रेडेंशियल का उनकी जानकारी के बिना फर्जी लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
EOW की जांच में सामने आया कि कई डमी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई और इसके लिए ‘मेसर्स स्वस्तिक एंटरप्राइजेस’ के बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ। पुलिस के अनुसार, इस पूरे खेल को ‘मेसर्स अशोक अतुल एंड कंपनी’ नामक सीए फर्म की मदद से अंजाम दिया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने वेस्ट ज्योति नगर निवासी राजीव कुमार पाराशर (51) और चांदनी चौक के चार्टर्ड अकाउंटेंट अतुल गुप्ता (45) को गिरफ्तार किया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
दूसरा मामला: नौकरी का झांसा देकर दस्तावेज लिए, कर डाला 128 करोड़ का लेनदेन
दूसरा मामला गोकलपुरी के रहने वाले अंकश की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके दोस्त पुनीत ने उसे जीएसटी विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था और इसके बहाने उसके व्यक्तिगत पहचान पत्र (दस्तावेज) और बिजली बिल ले लिए।
बाद में इन्हीं दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर  आरके एंटरप्राइजेस’ नाम से एक फर्जी फर्म खोल दी गई। जब आर्थिक अपराध शाखा ने इसकी जांच की तो होश उड़ाने वाले तथ्य सामने आए। इस फर्जी फर्म के जरिए 128 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया जा चुका था और करीब 10 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) भी क्लेम कर लिया गया था।
दिल्ली-एनसीआर में ताबड़तोड़ छापेमारी, भारी नकदी और सामान बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने पांच और आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए लोगों में विभाष कुमार मित्रा, अमर कुमार (दोनों गाजियाबाद), नितिन वर्मा (शाहदरा), राजकुमार दीक्षित (दरियागंज) और मोहम्मद वसीम (जामा मस्जिद इलाका) शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने आबिद नामक एक व्यक्ति के पास से 10.12 लाख रुपये नकद, फर्जी इनवॉइस और यस बैंक की पासबुक बरामद की है। छापेमारी में मोबाइल, लैपटॉप, कई स्टैम्प, बैंक दस्तावेज और वाहन भी जब्त किए गए हैं।
मनी ट्रेल और नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
मीडिया रिपोट्स में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और इस पूरे घोटाले के बैक-एंड ‘मनी ट्रेल’ (पैसों के लेनदेन के स्रोत) को खंगाला जा रहा है। पुलिस को अंदेशा है कि इस रैकेट के तार कई अन्य राज्यों और बड़ी कंपनियों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसके चलते नेटवर्क में शामिल अन्य संभावित आरोपितों की तलाश तेज कर दी गई है।

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