
लोकपथ लाइव, गाजियाबाद। जिले के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी के टावर-डी में लगी भीषण आग के बाद इमारत की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। करीब चार घंटे तक आग का उच्च तापमान झेलने के कारण इमारत के मुख्य पिलर में तीन फीट लंबी दरार आ गई है, जिससे सरिये तक पिंघलकर कमजोर हो गए हैं और कंक्रीट की पकड़ ढीली पड़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति में इमारत की भार वहन क्षमता काफी घट गई है और मामूली भूकंप को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि गाजियाबाद डीएम ने इमारत की जांच के लिए कमेटी गठित की है।


आठ फ्लैट्स प्रभावित, 12 एसी और फ्रीज में ब्लास्ट
आग की चपेट में आने से टावर-डी के 8 फ्लैट प्रभावित हुए, जिनमें से 7 फ्लैट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। फ्लैटों में रखे फर्नीचर, पीवीसी वर्क और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों ने आग को और अधिक भड़काया। इस हादसे में 12 एसी और एक दर्जन से ज्यादा फ्रिज में ब्लास्ट हुए, जबकि स्टील के पंखे और एंगल पिघलकर लटक गए। गनीमत रही कि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा के भय से 11वीं मंजिल पर रहने वाले पूर्व सीएमओ समेत कई परिवार अपने फ्लैट खाली कर रिश्तेदारों और होटलों में शरण लेने को मजबूर हैं।

जिला प्रशासन द्वारा जांच के आदेश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। इस टीम में प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, फायर और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीम द्वारा तीन दिन में रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि इमारत को पूरी तरह खाली कराया जाए या स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट देकर लोगों को रहने की अनुमति दी जाए।
आरडब्ल्यूए की नई सुरक्षा योजना
आरडब्ल्यूए ने भी सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए अहम कदम उठाए हैं। पदाधिकारियों ने एक बैठक कर मांग की है कि सबसे पहले टावर-डी का स्ट्रक्चर ऑडिट कराया जाएगा, जिसके आधार पर नुकसान का आकलन और मरम्मत की रूपरेखा तैयार होगी आरडब्ल्यूए जीडीए के समक्ष दो टावरों के बीच हर तीन से चार मंजिल पर स्काई ब्रिज बनाने का प्रस्ताव रखेगी। इससे आपात स्थिति में निवासी एक टावर से दूसरे टावर में सुरक्षित जा सकेंगे। जल्द ही सोसायटी की आम बैठक (GBM) बुलाकर सुरक्षा, रखरखाव और अन्य सुधार कार्यों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।











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