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श्रीराम कॉलेज में दी गई बाबा भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। स्थानीय श्रीराम कॉलेज के सभागार में भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कॉलेज परिवार द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।

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दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के निदेशक डॉ. अशोक कुमार, प्राचार्या डॉ. प्रेरणा मित्तल, निदेशक डॉ. एस.एन. चौहान, उपप्राचार्य डॉ. सौरभ मित्तल और डीन एकेडमिक्स डॉ. विनीत कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके पश्चात सभी उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों ने मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

जातिगत भेदभाव के विरुद्ध बाबा साहेब का संघर्ष स्मरणीय प्राचार्या डॉ. प्रेरणा मित्तल ने डॉ. अम्बेडकर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 अप्रैल 1891 को जन्मे बाबा साहेब एक महान विद्वान, न्यायविद और समाज सुधारक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और असमानता को मिटाने में लगा दिया। भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार के रूप में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।

शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का आधार: डॉ. अशोक कुमार कॉलेज निदेशक डॉ. अशोक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अम्बेडकर शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त हथियार मानते थे। उन्होंने कहा, “बाबा साहेब ने केवल वंचित वर्गों ही नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के लिए भी अभूतपूर्व कार्य किए। उनका जीवन संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प से सफलता प्राप्त की जा सकती है।” उन्होंने कर्म की प्रधानता पर जोर देते हुए युवाओं को बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

समतामूलक समाज के निर्माण का आह्वान डीन एकेडमिक्स डॉ. विनीत कुमार शर्मा ने बाबा साहेब के सिद्धांतों को वर्तमान समय में भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि समानता, न्याय और स्वतंत्रता के विचार ही हमारे समाज को सही दिशा दे सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या डॉ. प्रेरणा मित्तल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अम्बेडकर जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समानता के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा है।

इस गरिमामयी अवसर पर निदेशक ललित कला विभाग डॉ. मनोज धीमान, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रमोद कुमार सहित कॉलेज के विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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