
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर/बिजनौर: उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक घरानों में शुमार ‘मेसर्स बिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड’ (BPML) और उसके निदेशकों के ठिकानों पर आयकर विभाग की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। मुजफ्फरनगर और बिजनौर स्थित समूह के विभिन्न परिसरों पर 18 मार्च 2026 से शुरू हुई ‘तलाशी एवं जब्ती’ (Search and Seizure) की कार्रवाई दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रही। आयकर विभाग ने अब तक की जांच में 3 करोड़ रुपये की नकदी और लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए हैं।


बेनामी संपत्ति और फर्जी खरीद का जाल
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, शुरुआती छानबीन में कागज उत्पादन के व्यवसाय में कच्चे माल और गन्ने की खोई (बैगास) की खरीद में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं। विभागीय अधिकारियों ने लगभग 50 करोड़ रुपये की ऐसी संदिग्ध और फर्जी खरीद के दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनका उद्देश्य वास्तविक लाभ को कम दिखाकर कर चोरी करना था। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि समूह ने चीनी और कागज, दोनों क्षेत्रों में अपनी आय को छिपाने का प्रयास किया।

लेखा पुस्तकों में गंभीर विसंगतियां
विभागीय कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला तथ्य लेखांकन (Accounting) प्रक्रिया को लेकर सामने आया है। आयकर अधिनियम के तहत दर्ज बयानों में बीपीएमएल कर्मचारियों ने स्वीकार किया है कि कंपनी की विभिन्न इकाइयों (कागज, विद्युत और चीनी) के लिए पृथक लेखा-पुस्तकें संधारित नहीं की जा रही थीं।
जांच का दायरा और वर्तमान स्थिति
आयकर विभाग वर्तमान में समूह के मुख्य अधिकारियों और निदेशकों के बयान दर्ज कर रहा है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दस्तावेजों के विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के संकलन की प्रक्रिया अभी जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। हालांकि, इस प्रशासनिक कार्रवाई के बीच फैक्ट्री का संचालन सामान्य रूप से जारी है और उत्पादन कार्यों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।











Total views : 248066