
अमित शाह की मौजूदगी में सीएम के साथ नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी किया नामांकन
अब भाजपा के मुख्यमंत्री की तैयारी, पुत्र निशांत कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
लोकपथ लाइव, पटना। बिहार की सियासत में गुरुवार का दिन बड़े उलटफेर और नई इबारत लिखने वाला साबित हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संसदीय जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के चार अन्य उम्मीदवारों ने भी अपने पर्चे दाखिल किए। इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी रही, जिन्होंने पटना पहुँचकर गठबंधन की एकजुटता और भविष्य के बदलावों पर मुहर लगा दी है।


बिहार विधानसभा में नामांकन प्रक्रिया के दौरान सत्ता पक्ष का भारी जमावड़ा देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और जदयू के वरिष्ठ नेता विजेंद्र यादव व विजय चौधरी मौजूद रहे। राजग घटक दल से जिन पांच उम्मीदवारों नें राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है, उनमें नीतीश कुमार मुख्यमंत्री (जदयू), भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, कर्पूरी ठाकुर के पुत्र रामनाथ ठाकुर जदयू (जदयू), उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम) और शिवेश कुमार (भाजपा) शामिल हैं।

अमित शाह की ‘स्टेट गेस्ट हाउस’ में गुप्त बैठक
राज्यसभा के लिए नामांकन प्रक्रिया के तुरंत बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह सीधे स्टेट गेस्ट हाउस पहुँचे हैं, जहाँ वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के साथ बंद कमरे में बैठक कर रहे हैं। राजनैतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक में नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बनने वाली ‘नई सरकार’ के स्वरूप और नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
भविष्य की ओर इशारा
नीतीश कुमार द्वारा पूर्व में किए गए भावुक पोस्ट और आज अमित शाह की उपस्थिति ने यह साफ कर दिया है कि बिहार अब एक नए नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। जहाँ एक ओर नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में अपनी भूमिका निभाएंगे, वहीं बिहार में भाजपा और जदयू का नया गठबंधन एक नए चेहरे के साथ जनता के बीच जाएगा। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि यह नामांकन बिहार के गौरव और विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प है। राजग पूरी मजबूती के साथ राज्य के हित में बड़े निर्णय लेने के लिए तैयार है।
भाजपा को मिल सकती है कमान, निशांत की एंट्री
नीतीश कुमार के इस कदम के बाद अब सबसे बड़ा सवाल ‘अगला मुख्यमंत्री कौन?’ का है। राजनैतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बिहार में अपना पहला मुख्यमंत्री मिल सकता है। वहीं नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को राजनीति में लॉन्च करते हुए उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद सौंपा जा सकता है।
नीतीश कुमार का एनडीए के सारे दल स्वागत करते हैं: अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में आ रहे है कि बिहार को हर तरह से नीतीश कुमार आगे ले जा रहे है। 1977 के जेपी आंदोलन के नेता थे नीतीश कुमार लंबे अरसे के बाद नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में आ रहे है। नीतीश कुमार ने अपने शासन काल में कोई भी भ्रष्टाचार नहीं किया है। नीतीश कुमार ने बिहार के गांव -गांव का विकास किया है। राज्यसभा के सांसद के तौर पर नीतीश कुमार दिल्ली आ रहे है, जिहसके लिए एनडीए के सारे दल नीतीश कुमार का स्वागत करते हैं। सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार ने अमित शाह के साथ तस्वीरें साझा कीं हैं।
पूरी हुई चारों सदनों की सदस्यता की इच्छा: नीतीश कुमार ने अपने संदेश में कहा कि उनके संसदीय जीवन की यह पुरानी इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों (विधानसभा व विधान परिषद) और संसद के दोनों सदनों (लोकसभा व राज्यसभा) के सदस्य बनें। उन्होंने लिखा, कि आपके विश्वास की ताकत से बिहार ने विकास के नए आयाम छुए हैं। अब मैं राज्यसभा के जरिए देश की सेवा करना चाहता हूँ। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नई बनने वाली सरकार को अपना पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन देते रहेंगे।










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