
छात्र आरक्षण नीति के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले प्रशासन की कार्यवाही
लोकपथ लाइव, श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में छात्र मौजूदा आरक्षण नीति के खिलाफ मुखर होते दिखे राजनीतिक दलों के कई प्रमुख दलों के नताओं पर प्रशासन सख्त नजर आया और प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ही पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी समेत कई नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया है।


जम्मू-कश्मीर की उमर सरकार राज्य में आरक्षण नीति में बदलाव करते हुए सामान्य वर्ग के हिस्से में न्यूनतम 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) और दुर्गम पिछड़ा इलाका (रिमोट बैकवर्ड एरिया-आरबीए) वर्ग के कोटे कटौती की जा रही है। यही कारण है कि इसका विरोध हो रहा है। छात्र मौजूदा आरक्षण नीति के खिलाफ छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को विपक्षी दलों ने एकजुटता के साथ अपना समर्थन दिया है। रविवार यानी 28 दिसंबर को गुपकार रोड पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। जबकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा इस मुद्दे को हल करने के लिए एक समिति का गठन किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा न आने के कारण छात्रों ने शांतिपूर्ण धरने का ऐलान किया था, जिन्हें विपक्षी दलों के इन नेताओं ने इस आंदोलन के समर्थन में शामिल होने की बात कही थी। इसी कारण विरोध प्रदर्शन से पहले ही प्रशासन ने नेताओं को नजरबंद करने की कार्यवाही की।

नजरबंद किये गये प्रमुख नेता
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, जिन नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है, उनमें पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के अलावा महबूबा मुफ्ती औ उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती, श्रीनगर के सांसद रुहुल्लाह मेहदी, पीडीपी नेता वहीद पारा और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद मट्टू को नज़रबंद किया गया है। इन सभी नेताओं के आवासों पर पुलिस तैनात की गई और बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई।











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