
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिले की पेपर मिलों का व्यापक निरीक्षण किया, जिसमें नियमों के उल्लंघन के गंभीर मामले सामने आए। इसके बाद 19 पेपर मिलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।


क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गीतेश चंद्रा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई उद्योगों द्वारा स्लैग जलाने, कचरा खुले में एकत्र करने और बिना वैज्ञानिक तरीके से सड़कों पर पानी के छिड़काव की शिकायतें मिलीं। भोपा रोड पर प्रदूषण कम करने के नाम पर किए जा रहे पानी के छिड़काव से सड़क पर कीचड़ फैल गया, जिससे दोपहिया वाहन फिसलने लगे और राहगीरों के घायल होने की घटनाएं सामने आईं।

शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित उद्योगों से फायर फाइटिंग टैंकर और जेसीबी मशीनों के माध्यम से सड़क पर फैली स्लज की तत्काल सफाई कराई गई। साथ ही भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए सभी संबंधित उद्योगों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
गीतेश चंद्रा ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ केवल नोटिस तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नियमों का पालन न करने पर सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।
इन पेपर मिलों को जारी हुआ नोटिस
अग्रवाल डुप्लेक्स एंड बोर्ड मिल्स लिमिटेड, बिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड, बिंदलस डुप्लेक्स लिमिटेड (यूनिट-1 व यूनिट-2), गर्ग डुप्लेक्स एंड पेपर मिल्स, मीनू पेपर्स प्रा. लि., पारिजात पेपर मिल्स, शाकुंभरी पल्प एंड पेपर, श्री भागेश्वरी पेपर मिल्स (यूनिट-1 व यूनिट-2), श्री वीर बालाजी पेपर्स (पूर्व में सीता पेपर मिल), सिद्धबली पेपर्स मिल्स लिमिटेड, सिल्वर टोन पल्प एंड पेपर (यूनिट-1 व यूनिट-2), सिल्वरटोन पेपर लिमिटेड (यूनिट-1 व यूनिट-2), टिहरी पल्प एंड पेपर्स लिमिटेड (यूनिट-1 व यूनिट-2) और तिरुपति बालाजी फाइबर्स लिमिटेड शामिल हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की इस कार्रवाई से जिले के उद्योग जगत में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम लोगों ने प्रशासन की इस सख्ती को राहत देने वाला कदम बताया है।











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