
सेल्समैन हिरासत में, डीएम-एसएसपी ने संभाली कमान, ग्रामीणों में भारी रोष
लोकपथ लाइव, मेरठ: जिले के दौराला कस्बे में शुक्रवार की रात उस समय मातम पसर गया, जब शराब पीने के कुछ ही देर बाद तीन लोगों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। जहरीली शराब की आशंका से प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कस्बे के सभी मंदिरों और मस्जिदों के लाउडस्पीकरों का सहारा लिया और लोगों को चेतावनी दी कि वे किसी भी सूरत में खरीदी गई शराब का सेवन न करें।


पुलिस के अनुसार, मूल रूप से भराला गांव निवासी बाबूराम प्रजापति (55), जो दौराला में सरसों पेराई का काम करते थे, ने शुक्रवार रात अपने दो दोस्तों अंकित (45) और जितेंद्र (50) के साथ शराब पी थी। यह शराब सरधना रोड स्थित एक देसी ठेके से खरीदी गई थी। शराब पीने के कुछ ही देर बाद तीनों की हालत बिगड़ने लगी। उन्हें तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने अंकित और जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक घंटे बाद बाबूराम की भी मौत हो गई।

प्रशासनिक एक्शन: ठेका सील, तीन हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। यह ठेका भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता मिंटू अहलावत के पिता जयपाल अहलावत के नाम पर है। पुलिस ने जयपाल अहलावत और ठेके के दो सेल्समैन को हिरासत में ले लिया है। ठेके को डीएम के आदेश पर सील कर दिया गया है। डीएम ने बताया कि ठेके से 9 पेटी शराब बेची गई है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह शराब किन-किन लोगों ने खरीदी है ताकि और मौतों को रोका जा सके।
ग्रामीणों का गुस्सा: शिकायत पर नहीं होती कार्रवाई
जब डीएम और एसएसपी घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे, तो उन्हें ग्रामीणों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध और मिलावटी शराब का धंधा लंबे समय से चल रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समय-समय पर सूचना देने के बावजूद आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसका खामियाजा तीन परिवारों को भुगतना पड़ा। एसएसपी अवनीश पांडे ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का खुलासा होगा। हालांकि, प्रथम दृष्टया इसे मिलावटी शराब का मामला मानकर दोषियों के खिलाफ एनएसए जैसी कठोर धाराओं में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इलाके में संदिग्ध शराब माफियाओं के ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
मंदिर-मस्जिदों से दी गई चेतावनी
कस्बे में दहशत का माहौल देखते हुए पुलिस ने अभूतपूर्व कदम उठाया। दौराला के सभी धार्मिक स्थलों से मुनादी कराई गई:। दौराला के ठेके से शराब खरीदने वाले लोग उसे बिल्कुल न पिएं। यदि किसी ने शराब खरीद रखी है, तो उसे नष्ट कर दें। प्रशासन स्टॉक की जांच कर रहा है, तब तक अपनी जान जोखिम में न डालें।
पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे जनप्रतिनिधि
घटना की गंभीरता को देखते हुए कई जनप्रतिनिधि भी पीड़ित परिवारों के घर पहुंचे। पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।










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