

85 फीसदी सीटें ग्रामीण छात्रों के लिए, आरक्षित वर्गों को मिलेगा विशेष लाभ
LP Live, Lucknow:उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश के समाज कल्याण विभाग एवं जनजाति विकास विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका मकसद सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ समान अवसर उपलब्ध कराना है। सीबीएसई तथा माध्यमिक शिक्षा परिषद उ.प्र.से मान्यता प्राप्त इन विद्यालयों में नवोदय पैटर्न पर पढ़ाई होती है। प्रवेश के लिए परीक्षा 30 मार्च रविवार को दो पालियों में होगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 11 बजे से प्रारंभ होगी।
प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी को उलब्ध कराने की दिशा में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के नए सत्र के लिए इस वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया के तहत कक्षा 6, 7, 8, 9 एवं 11 में चयन किया जाएगा। कक्षा 6 में कुल 70 सीटें उपलब्ध हैं, जिसमें प्रत्येक कक्षा के लिए दो सेक्शन होंगे और प्रत्येक सेक्शन में 35-35 छात्रों को प्रवेश मिलेगा। वहीं, कक्षा 8 और 9 में प्रवेश रिक्त सीटों के आधार पर दिया जाएगा। कक्षा 11 में प्रवेश परीक्षा नहीं होगी, बल्कि 10वीं के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। इन परीक्षाओं का आयोजन जिलाधिकारी के नियंत्रण में होगा, जबकि प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी डायट (DIET) को सौंपी गई है। परीक्षा परिणाम 31 मार्च 2025 को जारी किए जाएंगे। इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया के तहत कक्षा 6, 7, 8, 9 एवं 11 में चयन किया जाएगा। कक्षा 6 में कुल 70 सीटें उपलब्ध हैं, जिसमें प्रत्येक कक्षा के लिए दो सेक्शन होंगे और प्रत्येक सेक्शन में 35-35 छात्रों को प्रवेश मिलेगा। वहीं, कक्षा 8 और 9 में प्रवेश रिक्त सीटों के आधार पर दिया जाएगा। कक्षा 11 में प्रवेश परीक्षा नहीं होगी, बल्कि 10वीं के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।
कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली परीक्षा
इस प्रवेश परीक्षा के लिए हजारों छात्रों ने आवेदन किया है। कक्षा 7 के लिए कुल 7,434 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि कक्षा 9 के लिए 16,106 छात्रों ने आवेदन किया है। कुल मिलाकर 62,382 छात्रों ने इस प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन किया है। वहीं, प्रदेश भर में स्थित इन विद्यालयों में कुल बालक विद्यालयों की संख्या 36 है, जबकि बालिका विद्यालयों की संख्या 73 है। आवेदन की संख्या को देखते हुए प्रतियोगिता कड़ी होगी, क्योंकि चयन केवल सीमित सीटों पर ही किया जाएगा।
ये है आरक्षण एवं चयन प्रक्रिया
प्रदेश सरकार ने इस बार भी गांव और शहरी क्षेत्र के छात्रों के लिए अलग-अलग प्राथमिकता तय की है। गांव के छात्रों को 85% सीटों में प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि शहरी छात्रों को 15 प्रतिशत सीटें आवंटित की जाएंगी। वहीं, आरक्षण नीति के तहत 60 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए 25 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए और 15प्रतिशत सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगी। जिलाधिकारी की निगरानी में होगी पूरी प्रक्रिया
एक अप्रैल से शुरू होंगी कक्षाएं
प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 109 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में भी यही प्रवेश प्रक्रिया लागू होगी। यह विद्यालय भी नवोदय पैटर्न पर आधारित हैं और समाज के हर वर्ग के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं। चयनित छात्रों की कक्षाएं 1 अप्रैल 2025 से शुरू हो जाएंगी। योगी सरकार का उद्देश्य इस परीक्षा के माध्यम से मेधावी छात्रों को बेहतरीन शिक्षा प्रदान करना और सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करना है।
