
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में परख 2024 राष्ट्रीय सर्वेक्षण के सफल क्रियान्वयन हेतु दो दिवसीय विस्तृत कार्यशाला हुई। इसमें मुख्य बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना , खतौली , पुरकाजी, बघरा , शामली से कांधला , कैराना, उन विकास खंडों के विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं एआरपी, एसआरजी के साथ साथ खंड शिक्षा अधिकारी व डायट के प्रवक्ता ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डायट प्राचार्य विश्वदीपक त्रिपाठी, मुख्य वक्ता प्रो. अरविंद कुमार, केके जैन कॉलेज खतौली, डा. पंकज वशिष्ठ और डॉ विकिन के साथ साथ डॉ पूनम चौधरी, विनीता, डॉ प्रीति माथुर, शिव प्रसाद आदि ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम केवल परख का सामान्य प्रसार मात्र नहीं है, बल्कि यह देश की शैक्षिक गुणवत्ता को मापने के लिए आयोजित होने वाला एक वृहद और वैज्ञानिक राष्ट्रीय सर्वेक्षण है। इस दौरान डायट प्रवक्ता एवं नोडल डा. विकिन ने परख सर्वेक्षण भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक युगांतरकारी कदम है। कार्यशाला के तकनीकी सत्रों का सफल संचालन नोडल डायट प्रवक्त डॉ विकिन और डायट प्रवक्ता डॉ.पंकज वशिष्ठ द्वारा किया गया। प्रथम तकनीकी सत्र में नोडल अधिकारी डॉ विकिन ने ‘परख’ सर्वेक्षण के परिचय, इसके ऐतिहासिक संदर्भ और राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) के साथ इसके अंतर्संबंधों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। कार्यशाला के दौरान सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न सत्रों में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया और सर्वेक्षण को निष्पक्ष व सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यशाला के नोडल अधिकारी डॉ पंकज वशिष्ठ ने अंत में जानकारी दी कि दूसरे दिन के सत्रों में फील्ड ऑपरेशंस और मूल्यांकन की प्रयोगात्मक विधियों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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