
गेहूं के समर्थन मूल्य में 160 रुपये का इजाफा; कानपुर की बिजली किल्लत होगी दूर, गोरखपुर चमकेगा सौर ऊर्जा से
लोकपथ लाइव, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक उत्तर प्रदेश के विकास और किसानों की समृद्धि के लिए ऐतिहासिक साबित हुई। सरकार ने एक साथ 35 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था से लेकर शहरी बुनियादी ढांचे तक को बड़ी सौगात दी है। इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर लिया गया, जो सीधे तौर पर करोड़ों अन्नदाताओं की जेब में खुशहाली लाएगा।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की गैठक में आगामी रबी विपणन सत्र के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी खरीद केंद्रों पर बोरे, तौल और भंडारण की व्यवस्था समय से पूरी की जाए ताकि किसानों को मंडियों में परेशान न होना पड़े। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि हमारी सरकार का हर निर्णय ‘अंत्योदय’ और प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित है। गेहूं के मूल्य में वृद्धि किसानों के प्रति हमारी संवेदनशीलता को दर्शाती है, वहीं ऊर्जा क्षेत्र के प्रोजेक्ट्स यूपी को आत्मनिर्भर बनाएंगे।

कानपुर और गोरखपुर को विशेष तोहफा
औद्योगिक नगरी कानपुर और मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र गोरखपुर के लिए कैबिनेट ने दूरगामी निर्णय लिए हैं। इनमें कानपुर में नए पावर प्लांट की स्थापना से न केवल शहर बल्कि आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे स्थानीय उद्योगों को नई संजीवनी मिलेगी।
गोरखपुर बनेगी ‘सोलर सिटी’
पर्यावरण संरक्षण और बिजली बिलों में कमी लाने के उद्देश्य से गोरखपुर को ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत सरकारी इमारतों, सड़कों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
विकास का ’35 प्रस्तावों’ वाला रोडमैप
बैठक में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और शिक्षा के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली। मंत्रियों ने बैठक के बाद मीडिया से कहा कि ये सभी फैसले उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प का हिस्सा हैं। निवेश को आकर्षित करने के लिए कुछ मौजूदा नीतियों में संशोधन भी किए गए हैं, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सियासी गलियारों में हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले किसानों को खुश करने और कानपुर-गोरखपुर जैसे बड़े केंद्रों पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का यह दांव विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि परियोजनाओं का क्रियान्वयन कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इन्हें समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जाएगा।










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