
कैबिनेट बैठक में स्टाम्प और रजिस्ट्री से जुड़े 13 अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी
पैतृक संपत्ति के बंटवारे की रजिस्ट्री में कृषि, आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियां शामिल
स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क में 90 प्रतिशत तक की कटौती, किरायेदार और मकान मालिक को भी राहत
लोकपथ लाइव, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्टाम्प और रजिस्ट्री से जुड़े 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के इन फैसलों से जहां पारिवारिक विवादों में कमी आएगी, वहीं किरायेदारों और मकान मालिकों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश में आम जनता को बड़ी राहत देते हुए पैतृक संपत्ति के बंटवारे और किराया रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गये हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को भी उपहार डीड के जरिए अपने परिवार के सदस्यों के नाम रजिस्टर कराया जा सकेगा। योगी सरकार के निर्णय के तहत अब पैतृक संपत्ति के बंटवारे के लिए मात्र 10,000 रुपये में रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। इसमें 5,000 रुपये स्टांप ड्यूटी और 5,000 रुपये निबंधन शुल्क शामिल होंगे। यह व्यवस्था तीन पीढ़ियों से अधिक पारंपरिक वंशजों के बीच लागू होगी। बंटवारा केवल पैतृक अचल संपत्ति का ही किया जाएगा, जिसमें कृषि, आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियां शामिल हैं। पहले यह सुविधा सिर्फ आवासीय और कृषि भूमि तक ही सीमित थी। इससे पहले शहरी इलाकों में यह फीस 7 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में 5 प्रतिशत थी।

इस फैसले से जहां पारिवारिक विवादों में कमी आएगी, वहीं किरायेदारों और मकान मालिकों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। इन फैसलों से परिवारों के बीच संपत्ति का कानूनी ट्रांसफर आसान होगा, आपसी विवाद और मुकदमेबाजी में कमी आएगी और प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी योगी सरकार का यह निर्णय ईज ऑफ डूइंग लिविंग की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। वहीं इन सुधारों से प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत होगी और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
किराया रजिस्ट्रेशन पर 90 प्रतिशत तक शुल्क में कटौती
वहीं योगी सरकार ने किराया रजिस्ट्रेशन को भी बेहद आसान और सस्ता बना दिया है। अब स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क में 90 प्रतिशत तक की कमी की गई है। नई दरों के अनुसार अलग-अलग किराया अवधि और वार्षिक किराया श्रेणियों में पहले की तुलना में शुल्क में भारी गिरावट आई है, जिससे आम नागरिक आसानी से रेंट एग्रीमेंट का पंजीकरण करा सकेंगे। सरकार के अनुसार ये बदलाव अधिकारिक गजट में नोटिफिकेशन पब्लिश होने की तारीख से तुरंत प्रभावी होंगे। इस कदम से उत्तर प्रदेश में संपत्ति ट्रांसफर की प्रक्रिया सरल और किफायती बन जाएगी, और छोटे परिवार व्यवसायियों के लिए भी फायदा होगा।
इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि 2022 से इस व्यवस्था को आवासीय और कृषि संपत्तियों के लिए लागू किया गया था, लेकिन अब इसे व्यवसायिक और औद्योगिक जमीन पर भी लागू कर दिया गया है। इसके अलावा, कुशीनगर और झांसी में रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए भूमि से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। यूपी सरकार ने कैबिनेट में परिभाषाओं को और स्पष्ट करने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत योग्य परिवार के सदस्यों और रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े नियमों को और साफ किया गया है ताकि रजिस्ट्रेशन ऑफिस में काम आसानी से और बिना किसी कन्फ्यूजन के पूरा हो सके।
फर्जी डिग्रियों पर जेएस विश्वविद्यालय पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। एक तरफ, योगी कैबिनेट ने जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (जनपद फिरोजाबाद) के परिसमापन को मंजूरी दी है तो वहीं आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस को संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति-2024 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियमावली-2025 को मंजूरी प्रदान की गई।











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