
प्रदेश में सुरक्षा, कानून का राज और विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकता
लोकपथ लाइव, लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में वर्ष 2025-26 के अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की बदलती आर्थिक तस्वीर का खाका खींचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू’ राज्य की छवि से बाहर निकलकर भयमुक्त व्यापार, व्यापार करने में आसानी और व्यापार के विश्वास का ग्लोबल मॉडल बन चुका है।


विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को सदन के समक्ष रखते हुए कहा कि प्रदेश में सुरक्षा, कानून का राज और विकास के अलावा प्रदेश में वित्तीय अनुशासन) और सुशासन को प्राथमिकता दी गई है। इसी का परिणाम है कि राज्य का जीएसडीपी, जो 2012-16 के बीच मात्र 12.88 लाख करोड़ रुपये था, वह आज बढ़कर 35-36 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी 43,000 रुपये से बढ़कर 1,20,000 रुपये हो गई है।

खेती से लेकर सोलर एनर्जी तक ऐतिहासिक बढ़त
यूपी ने विकास के हर मोर्चे पर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इनमें कृषि विकास दर: प्रदेश में 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं यागी सरकार के ‘एक जनपद-एक मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य के साथ प्रदेश में आज 81 मेडिकल कॉलेज संचालित या निर्माणाधीन हैं। इसी प्रकार रिन्यूएबल एनर्जी: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक गीगीवाट (1जीडब्ल्यू) सोलर प्रोजेक्ट्स के साथ यूपी देश का अग्रणी राज्य बन रहा है।
रोजगार और स्टार्ट-अप का बना इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि प्रदेश में (बेरोजगारी दर) में भारी गिरावट आई है, जबकि रोजगार दर में लगातार सुधार हो रहा है। राज्य में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारा गया है, जिससे 60 लाख युवाओं को सीधे रोजगार मिला है। वहीं आज प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर की 96 लाख इकाइयां 2 करोड़ परिवारों का सहारा बनी हैं।
बैंकों के प्रति बढ़ा भरोसा: क्रेडिट-डेपोजिट दर में सुधार
मुख्यमंत्री ने बैंकिंग सेवाओं पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश का CD ratio (क्रेडिट-डेपोजिट रेशियो) 44 प्रतिशत से बढ़कर 62-65 प्रतिशत हो गया है, जिसे 70 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। इसका सीधा मतलब है कि जनता का पैसा अब प्रदेश के विकास और युवाओं के स्वरोजगार में लग रहा है।
बिना भेदभाव के जन-कल्याण
सीएम ने कहा कि हमारी हर जन-कल्याणकारी योजना ‘फेसलेस’ और ‘भ्रष्टाचार मुक्त’ है। चाहे वह मुफ्त राशन या उज्ज्वला गैस हो अथवा आयुष्मान कार्ड जैसी सभी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर पात्र व्यक्ति तक पहुँच रहा है। अंत में उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश में अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति ने व्यापारियों में सुरक्षा का भाव जगाया है, जिससे राज्य अब निवेश का ‘ड्रीम डेस्टिनेशन’ बन गया है।











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