
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का केंद्रीय बजट पेश होने के बाद महिला वर्ग में उम्मीदों का सफर तेज हो गया है। उद्योग जगत से जुड़ी महिलाएं आर्थिक प्रोत्साहन और विकास के अवसरों की आशा कर रही हैं। नौकरीपेशा महिलाएं टैक्स और सुविधाओं में राहत की उम्मीद लगाए बैठी हैं। वहीं गृहणियाँ महंगाई और घरेलू खर्च को लेकर बजट से सहारा चाहती हैं, जिसमें राहत हुई है। महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि कुल मिलाकर हर वर्ग की महिलाएं इस बजट से सशक्तिकरण और राहत की उम्मीद कर रही हैं।
केंद्र सरकार के इनकम टैक्स स्लैब नहीं बढ़ना राहत भरा है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में महिलाओं को कुछ अधिक राहत नहीं दी गई तो भार भी नहीं बढ़ाया गया। महिलाओं के लिहाज से बजट में छात्राओं की शिक्षा आदि के लिए विशेष बजट पेश करने की उम्मीद थी। बजट से हम संतुष्ट है।
– मंजुला पाल, नौकरीपेशा
सरकार के बजट में महिलाओं और छोटे उद्यमियों का खासा ध्यान रखा गया है। बेहतर बात है कि न्यू क्रेडिट कार्ड योजना छोटे उद्यमियों के लिए राहत भरी रहेगी। बजट में महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने का मौका देने का काम हुआ है। सी-मार्ट योजना महिला उद्यमियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
– अनुभा मित्तल, उद्यमी
यह बजट महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मज़बूत करेगा। रोजगार और सुरक्षा से आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। महिला छात्रावास हर जिले में बनाने के लिए बजट की घोषणा महिलाओं के उत्थान में एक सकारात्मक प्रयास है।
– शिवानी सिंह, शिक्षिका
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एक गृहिणी के तौर पर मेरे लिए सबसे ज़रूरी रसोई का बजट और परिवार की सेहत होती है। इस बजट में महंगाई को काबू में रखने और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की बात अच्छी लगी। अगर गैस, खाने-पीने की चीज़ें और शिक्षा का खर्च कंट्रोल में रहा, तो आम घरों को वाकई राहत मिलेगी।
– पायल अग्रवाल, गृहणी
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