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चाणक्य वार्ता के बाल साहित्य विशेषांक का विमोचन

दस वर्ष का सफर तय कर चुकी है पाक्षिक पत्रिका
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: एक दशक का सफर तय कर चुकी अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका चाणक्य वार्ता के बाल साहित्य विशेषांक का विमोचन किया गया। इस विशेषांक में 125 लेखकों ने बच्चों को केंद्र में बनाकर लेख, कहानियां, कविताओं के माध्यम से अपना योगदान दिया है।

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इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा नेता श्याम जाजू ने कहा कि चाणक्य वार्ता अपने आप में एक अद्भुत पत्रिका है। कोरोना काल के दौरान अनेक स्थापित पत्रिकाएं बंद हो गई मगर चाणक्य वार्ता इस कठिन समय में भी लगातार प्रकाशित होती रही। उन्होंने कहा कि इस पत्रिका ने कम संसाधनों में भी लंबा सफर तय किया है। यह दिखाता है कि जनहित से जुड़ी पत्रकारिता करने के लिए बहुत अधिक संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती है। समारोह अध्यक्ष ताई तागा, संरक्षक, विद्या भारती एवं पूर्व अध्यक्ष भाजपा, अरुणाचल प्रदेश ने इस मौके पर नॉर्थ ईस्ट के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाएं गए कदमों को लेकर कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को बाकी राज्यों के साथ सार्थक रूप से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन राज्यों के लोगों को एक नई पहचान दी है। इसके अलावा मोदी सरकार के प्रयासों से नॉर्थ ईस्ट में विकास की गंगा बह रही है।

समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डा. विनोद बब्बर ने चाणक्य वार्ता को 10 वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी। वहीं वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मीनारायण भाला ने अपने संबोधन में कहा कि संघ की शाखा के माध्यम से उनको बच्चों से जुड़ने का मौका मिला। कार्यक्रम में बाल साहित्यकार डा. बलराम अग्रवाल, साहित्यकार अलका सिन्हा, केअलावा मृत्युंजय झा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अजीत कुमार ने भी शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन चाणक्य वार्ता के संपादक डा. अमित जैन ने किया।

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