
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने पेपर मिलो में रात में जांच अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार रात को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने जानसठ रोड स्थित तीन पेपर मिलों की जांच की है। इस दौरान वहां जलाने के लिए ईंधन के रूप में रखा कच्चे माल की जांच हुई। इस दौरान आरडीएफ की गुणवत्ता परखी गई। वहीं पेपर मिलो में जलाने के लिए मिली खोई को लेकर भी मिल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं।
एनसीआर में शामिल मुजफ्फरनगर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर पिछले दिनों हुए हंगामे प्रदर्शन के बाद डीएम उमेश मिश्रा द्वारा बनाई गई संयुक्त टीम मैदान में जांच के लिए सक्रिय हो गई है। सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर पेपर मिलों में जलने वाले ईंधन की निगरानी की जा रही है। मंगलवार की देर रात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता कुंवर संतोष, जेई राजा गुप्ता व अन्य कर्मचारी जानसठ रोड पर पहुंचे। उन्होंने रात में संचालित पेपर मिलो की निगरानी की।
इस दौरान टीम ने केके डुप्लेक्स में जांच की। इस दौरान वहां आरडीएफ जलता मिला। आरडीएफ की गुणवत्ता देखी गई। टीम ने पेपर मिल के संचालक को सख्त निर्देश दिए कि यदि उन्होंने आरडीएफ में मिलावट कर प्लास्टिक या अन्य एमएसडब्लू जलाया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद टीम हनुमंत पेपर मिल और जीनेस पेपर मिल में पहुंची। टीम ने वहां का तापतान व ईंधन की जांच की। प्रदूषण नियंत्रण यंत्रों की व्यवस्था परखी गई। वहां अधिकारियों को खोई भी मिली। पेपर मिल संचालको को आश्यक निर्देश दिए गए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा ने बताया कि पेपर मिलों में टीम का लगातार निरीक्षण जारी है। आरडीएफ व अन्य ईंधन की निगरानी की जा रही है, ताकि प्रदूषण का नियंत्रण में रखा जा सके। इसके अलावा अन्य विभागों को भी लगातार पत्र लिखे जा रहे है, ताकि धूल आदि कणों से प्रदूषण न बढ़े।
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