
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: जनपद के रुड़की रोड स्थित ‘न्यू लाइफ हॉस्पिटल’ में एक नवजात शिशु की मौत के बाद शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर उपचार में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हिंदू संगठनों के साथ मिलकर अस्पताल के बाहर धरना दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसके बाद अस्पताल के मानक अधूरे पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।


आशा पर गुमराह करने का आरोप: शाहबुद्दीनपुर रोड स्थित रहमानिया कॉलोनी निवासी मारूफ की पत्नी जोया को 20 मार्च को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि वहां तैनात आशा कार्यकर्ता मांगी ने परिजनों को गुमराह किया और बेहतर इलाज का झांसा देकर जोया को निजी अस्पताल ‘न्यू लाइफ’ में भर्ती करा दिया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल के डॉ. मोईन और सुहैल ने ऑपरेशन के नाम पर 21 हजार रुपये वसूले और बच्चे को दिमागी दौरा पड़ने की बात कहकर भर्ती कर लिया।

मेरठ में उपचार के दौरान मौत: परिजनों ने आरोप लगाया कि 26 मार्च की शाम को डॉक्टर ने अचानक बच्चे को मेरठ के लिए रेफर कर दिया, जहाँ 27 मार्च की रात उपचार के दौरान नवजात ने दम तोड़ दिया। शनिवार को जब परिजन बच्चे का शव लेकर अस्पताल पहुंचे, तो वहां डॉक्टर और कर्मचारी क्लीनिक छोड़कर फरार हो गए। इस दौरान शिवसेना समेत अन्य हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
प्रशासनिक कार्रवाई और सीलिंग: हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा और सिविल लाइंस थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एसीएमओ डॉ. अजय कुमार ने जांच की और पाया कि अस्पताल बिना उचित मानकों के संचालित हो रहा था। जांच के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया और वहां भर्ती अन्य मरीजों को अन्यत्र शिफ्ट किया गया। नवजात के दादा अब्दुल्ला ने आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। सीएमओ डा. सुनील कुमार तेवतिया ने बताया कि मानक पूरे नहीं होने पर अस्पताल सील कर दिया गया है।










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