
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। विकास भवन के सभागार में बुधवार को डीएम उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में डीआईओएस व कोचिंग सेंटर संचालकों व शिक्षकों की बैठक हुई। इसमें उच्चतम न्यायालय से जारी आदेशों के अनुपालन में छात्र मानसिक स्वास्थ्य तथा कोचिंग सेंटर विनियमों की निगरानी एवं कार्यान्यवन के लिए निर्देश दिए गए। कहा गया कि सभी कोचिंग सेंटर में आत्महत्या रोकथाम व मानसिक स्वास्थ्य के लिए परामर्शदाताओं की तैनाती होना अनिवार्य रहेगा।
विकास भवन में हुई बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश श्रीवास ने बताया कि जिले में कुल 55 कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जिनमें 13 ऐसे सेंटर हैं, जिनमें 100 से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। सभी कोचिंग सेंटर में मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम के लिए परामर्शदाता की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान डीएम उमेश मिश्रा द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी कोचिंग संस्थानों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए और मेंटल हेल्थ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये जाएं। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिये गए कि सभी कोचिंग सेंटर संचालकों और सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की समिति के सदस्यों के साथ बैठक कराई जाए, जिससे सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा निर्देशों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के अलावा करियर काउंसलर समृद्धि त्यागी, वरिष्ठ लिपिक अजय कुमार, प्रियांशु, नितिन कुमार के साथ समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का संचालन डॉ. रणवीर सिंह ने किया।
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