
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: जनपद में अवैध और मानकों के विरुद्ध चल रहे निजी चिकित्सालयों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान आज दूसरे दिन भी जारी रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया के नेतृत्व में गठित एक संयुक्त टीम ने सोमवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।


निरीक्षण टीम, जिसमें अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार और स्टेनोग्राफर दीपक कुमार शामिल थे। इन्होंने सबसे पहले मदीना चौक स्थित ‘अपना हॉस्पिटल’ पर धावा बोला। जांच के दौरान वहां पंजीकृत चिकित्सक तो उपस्थित मिले, लेकिन अस्पताल के अभिलेखों (records) में भारी कमी पाई गई। दस्तावेजी खामियों को गंभीरता से लेते हुए टीम ने मौके पर ही अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।

इसके बाद संयुक्त टीम ने मदीना चौक स्थित सोफिया सेंटर, मलिक मेडिकल और अलीना हॉस्पिटल का रुख किया। ये तीनों संस्थान आयुर्वेदिक पद्धति के तहत पंजीकृत पाए गए। निरीक्षण के दौरान इन केंद्रों पर चिकित्सक तो मौजूद थे, लेकिन कोई भी मरीज भर्ती नहीं मिला। अंत में टीम ने विश्वास हॉस्पिटल की जांच की, जहाँ पंजीकरण तो वैध पाया गया, किंतु वहां भी कोई मरीज मौजूद नहीं था।
कड़ी चेतावनी की गई जारी: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनपद में किसी भी स्तर पर चिकित्सा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निजी चिकित्सालय अपने अभिलेखों को अद्यतन (update) रखें। CMO ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी संस्थान में अनियमितता या शासन द्वारा निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया गया, तो उनके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।











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