छह अर्थियां एक साथ देख रो पड़ा मुजफ्फरनगर, नेताओं सहित लोगों ने दिया कंधा

LP Live, Muzaffarnagar: जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थ यात्रा के दौरान हुए भीषण हादसे में मुज़फ्फरनगर के कई श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद जब मृतकों के शव शनिवार देर रामपुरी में उनके घर पहुंचे, तो पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। रविवार सुबह जैसे ही अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई तो मोहल्ले के लोग रो पड़े। गलियों में एक साथ कई अर्थियाँ उठीं तो रामपुरी से लेकर पूरे शहर के लोगों की आंखे नाम हो गई।
वैष्णो देवी यात्रा के दौरान हुई लैंस स्लाइडिंग में मुजफ्फरनगर के छह लोगों की मौत हो है। अभी कई लोग लापता है। पहाड़ हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकतर एक ही मोहल्ले या परिवार से थे। किसी ने अपने माता-पिता को खोया तो किसी ने बेटे को।शुक्रवार की रात छह मृतक तीर्थयात्रियों का शव रामपुरी में उनके घर पहुंचा।मृतक मां-बेटी रामवीरी, अंजलि, ममतेश, आकांक्षा और दो मासूम सगे भाई दीपेश और अनंत के अंतिम संस्कार की तैयारी शनिवार सुबह शुरू हुई। गमगीन माहौल के बीच रामपुरी सहित आसपास के लोग वंहा अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंच गए। नगर के काली नदी श्मशान घाट पर सभी का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ, जंहा परिजनों के साथ राजनीतिक दलों के नेताओं ने पहुंचे।

पूर्व सांसद कादिर राणा सहित कई नेताओं ने दिया अर्थी को कंधा
रामपुरी से निकली छह श्रद्धालुओं की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग गमगीन माहौल के बीच शामिल हुए। इसमें पूर्व सांसद कादिर राणा ने भी अर्थी को कंधा दिया। इसके अलावा अन्य जनप्रतिनिधि भी अंतिम यात्रा व श्मशान घाट पर पहुँचे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, सांसद हरेंद्र मलिक सांत्वना देने परिजनों के बीच पहुंचे।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का दौरा
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सभी पीड़ित परिवारों को मुआवजा और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। डीएम और एसपी ने बताया कि राज्य सरकार हादसे की उच्च स्तरीय जांच करवा रही है।
शोक में डूबा है शहर
मुज़फ्फरनगर आज ग़मगीन है। जिन गलियों में कल तक रौनक थी, आज वहां सिर्फ सन्नाटा पसरा है। लोगों ने स्वेच्छा से अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे और शोक व्यक्त किया। सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
