
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने अपनी प्रीमियम सेवाओं में यात्रियों की सेहत के साथ समझौता करने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई को अंजाम दिया है। ट्रेन संख्या 21896 (पटना–टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस) में परोसे गए भोजन की गुणवत्ता को लेकर एक यात्री द्वारा की गई शिकायत को रेल मंत्रालय ने न केवल गंभीरता से लिया, बल्कि जवाबदेही तय करते हुए भारी-भरकम जुर्माना भी ठोंका है।


रेलवे ने जांच में अनियमितता और गुणवत्ता मानकों में लापरवाही पाए जाने पर रेलवे ने अपनी ही सहयोगी कंपनी आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये का दंड लगाया है। वहीं, भोजन की आपूर्ति करने वाले संबंधित सर्विस प्रोवाइडर (वेंडर) पर50 लाख रुपये का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया गया है। रेलवे ने और अधिक सख्त कदम उठाते हुए उक्त वेंडर के अनुबंध को तत्काल समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

विश्व का सबसे बड़ा ऑनबोर्ड खाद्य संचालन भारतीय रेलवे, आईआरसीटीसी के माध्यम से अपने विशाल नेटवर्क में प्रतिदिन 15 लाख से अधिक यात्रियों को भोजन परोसता है। यह दुनिया के सबसे बड़े ऑनबोर्ड खाद्य संचालनों में से एक है। रेलवे प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी के बीच यात्री सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता हमारी प्राथमिकता की आधारशिला है। इस मानक का कोई भी उल्लंघन होने पर तत्काल और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर दोहराया है कि वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनों में दी जाने वाली सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतकर्ता यात्री की फीडबैक पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए यह कार्रवाई महज चंद घंटों के भीतर की गई है, जो अन्य वेंडरों के लिए एक कड़ा सबक है।










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