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लखनऊ प्रदूषण बोर्ड टीम का घेराव, प्लास्टिक गोदाम हुए सील

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। एनसीआर में शामिल मुजफ्फरनगर में वायु प्रदूषण को लेकर मंगलवार को लखनऊ से मुख्य पर्यावरण अधिकारियों की टीम पहुंची। टीम अधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों को लेकर महालक्ष्मी पेपर मिल में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आरडीएफ के सैंपल जांच के लिए एकत्रित किए। इसके अलावा स्थानीय टीम ने सिखरेड़ा में दो प्लास्टिक गोदाम में प्रदूषण फैलाने वाले कचरे का भंडारण करने को लेकर गोदाम सील कर दिया। इस कार्रवाई के बीच लखनऊ के अधिकारियों को भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने हाइवे पर घेरा और प्रदूषण के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। अफसरों ने कार्रवाई के दौरान पुलिस से चार बार सुरक्षा मांगी। इस फजीहत के बाद लखनऊ के अधिकारियों को पुलिस सुरक्षा में जिले का बोर्डर पार कराया गया।

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महालक्ष्मी पेपर मिल और मूलचंद के बाहर हंगामा
उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से मंगलवार को जोन दो के मुख्य पर्यावरण अधिकारी राधेश्याम और जोन-3 के मुख्य पर्यावरण अधिकारी प्रवीण कुमार मुजफ्फरनगर में पहुंचे। उन्होंने अपने अभियान की शुरूआत जानसठ रोड स्थित महालक्ष्मी पेपर मिल से की। घंटों निरीक्षण के बाद टीम आरडीएफ व अन्य सैंपल लेकर बाहर निकली तो भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी अपनी गाड़ियों से उनके पीछे दौड़ने लगे, जिसकी सोशल मीडिया पर वीडिया भी वायरल की। इस दौरान स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने पुलिस अधिकारियों का फोन कर पुलिस सुरक्षा मांगी। टीम दोपहर में भोजन के लिए मूलचंद रेस्टोरेंट पर पहुंची, जो भाकियू कार्यकर्ताओं ने मुख्य पर्यावरण अधिकारियों को घेराव करते हुए हंगामा किया। पेपर मिलों में एमएसडब्लू जलवाने के अधिकारियों पर ही आरोप लगाए। इस दौरान अफसरों के साथ अभद्रता हुई, जिसके बाद विभागीय अधिकारियों को फिर से पुलिस बुलानी पड़ी। यह स्थिति देख लखनऊ के अधिकारियों ने जांच अभियान समाप्त करने का फैसला लिया और वापस लौटने का फैसला लिया। मुख्य पर्यावरण अधिकारियों के निर्देश पर अवर अभियंता कुंवर संतोष, जेई राजा गुप्ता व संध्या शर्मा ने टीम के साथ सिखरेड़ा स्थित दो बड़े प्लास्टिक गोदाम सील किए। परवेज मलिक रणवीर सिंह सहित नूर सलीम के खिलाफ प्लास्टिक कचरा एकत्रित करने पर पुलिस कार्रवाई भी की जा रही है।

भाकियू के हंगामे के चलते चार बार मांगी सुरक्षा
लखनऊ से पेपर मिलों में जांच करने पहुंचे मुख्य पर्यावरण अधिकारी स्थानीय अधिकारियों के साथ महालक्ष्मी पेपर मिल में पहुंचे, जिसके बाद भाकियू के पदाधिकारियों ने लखनऊ के अधिकारियों से वार्ता करने के लिए उनका पीछा किया। दोपहर में भोजन करते हुए वार्ता के प्रयास किए, लेकिन वह सफल नहीं हुए। इसके बाद भाकियू अराजनैतिक ने वहां प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका घेराव किया। लखनऊ के अधिकारियों ने यह स्थिति देख पुलिस सुरक्षा में जिला छोड़ दिया। मंसूरपुर पुलिस जनपद का बोर्डर अधिकारियों को पार कराकर लौटी। दिनभर में प्रदूषण अधिकारियों ने चार बार अलग-अलग स्थानों पर जांच के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी।

एमएसडब्लू जलने पर भी कार्रवाई नहीं: धर्मेद्र मलिक
मुजफ्फरनगर। भाकियू अराजनैतिक के राष्टीय प्रवक्ता धमेंद्र मलिक ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि लखनऊ से गठित इंस्पेक्शन को मुजफ्फरनगर आईं टीम ने स्वीकारा कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि सैंपल में आरडीएफ नहीं, एमएसडब्लू है। फिर इसे जलाने वाली इकाइयों पर तत्काल कार्यवाही क्यों नहीं होती है। उन्होंने लखनऊ के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वह होटल में बैठकर उद्योगपतियों से की वार्ता करते रहे, लेकिन किसानों ने अपनी बात कहनी चाही तो गाड़ी लेकर पिछले रास्ते से निकल गए।

भाकियू ने छीने जब्त सैंपल, देखते रहे अफ़सर 

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ मुजफ्फरनगर गीतेश चंद्रा का कहना है की  पेपर मिलो में आरडीएफ की जांच के लिए लखनऊ से मुख्य पर्यावरण अधिकारियों की टीम पहुंची थी। भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों का टीम पर दबाव था कि वह भी उनके साथ जांच में शामिल होगी, जांच बाधित करने का प्रयास हुआ। जब्त सैंपल को खींचकर फाड़ना बहुत गलत है। यह जानकारी उच्च आधिकारियों तक पहुंची, जिसके बाद निरीक्षण रोक दिया गया है। एक पेपर मिल में जांच हुई। दो प्लास्टिक के गोदाम सील किए गए हैं।

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