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नक्सलवाद मुक्त होने के कगार पर भारत, रेड कॉरिडोर पर भारी पड़ा विकास: अमित शाह

सीआईएसएफ का 57वां स्थापना दिवस: औद्योगिक विकास और सुरक्षा का नया अध्याय
लोकपथ लाइव, ओड़िशा: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज ओडिशा के मुंडली में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 57वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर गृह मंत्री ने बल की सराहना करते हुए इसे भारत की आर्थिक प्रगति का ‘कैटलिस्ट’ बताया। इस मौके पर अमित शाह ने सीआईएसएफ के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कुल 890 करोड़ की 5 प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

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सीआईएसएफ के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने दावा किया कि मोदी सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह से नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा। जल्द ही ‘तिरुपति से पशुपतिनाथ’ तक का रेड कॉरिडोर का सपना देखने वाले पूरी तरह परास्त हो जाएंगे। वहीं शाह ने सीआईएसएफ के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कुल 890 करोड़ की 5 प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसमें कामरूप, नासिक और सीहोर में नए आवासीय परिसरों का भूमिपूजन, जबकि राजरहाट और दिल्ली में निर्मित आवासीय परिसरों का लोकार्पण शामिल है। यह पहल बल के जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है।

नक्सलवाद के अंत और सुरक्षित भारत का संकल्प
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि मोदी सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह से नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में सीआईएसएफ ने नक्सलरोधी अभियानों में सराहनीय भूमिका निभाई है। जल्द ही ‘तिरुपति से पशुपतिनाथ’ तक का रेड कॉरिडोर का सपना देखने वाले पूरी तरह परास्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज हम देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने की कगार पर हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का लक्ष्य पूरे देश का विकास करना और 2047 तक विकसित भारत की रचना करना है और इसके लिए देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा सुनिश्चित करना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्रालय सीमाओं पर और सीमाओं के अंदर अपनी भूमिका निभाने के लिए मुस्तैद है।

बंदरगाहों और निजी क्षेत्र में बढ़ेगा सीआईएसएफ का दायरा
शाह ने घोषणा की कि अब देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ को सौंपी जाएगी। साथ ही, निजी औद्योगिक समूहों के लिए ‘हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल’ को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे देश के महत्वपूर्ण संस्थानों को आधुनिकतम सुरक्षा घेरा प्रदान किया जा सके। वर्तमान में CISF 70 हवाई अड्डों सहित 361 महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा कर रही है और ड्रोन सुरक्षा में नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है।

 

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