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सरकारी शिक्षक पढ़ाने के साथ रखेंगे आवारा कुत्तों पर नजर

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। एसआईआर ड्यूटी पूरी होने के बाद अब परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों के लिए शासन ने नया काम तैयार कर लिया है। जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों को अब आने वाले दिनों में अपने स्कूल क्षेत्र के आसपास घूमने वाले आवारा कुत्तों की निगरानी करनी होगी। निगरानी के साथ स्कूली बच्चों को कुत्ते के काटने से बचाने के लिए चार दीवारी ऊंची कराने के साथ बीएसए को कुत्तों की संख्या का रिकार्ड भी भेजना होगा।
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिलो के बीएसए के लिए आदेश जारी किया है।
मुजफ्फरनगर बीएसए के पास पहुंचे आदेश में निर्देश है कि उच्च न्यायालय में डाली गई एक पिटीशन में पारित आदेश का अनुपालन किए जाने के क्रम में आवारा कुत्तों के प्रबंधन में शिक्षकों को कार्य करना है। इसमें सभी सरकारी शिक्षण संस्थान की पहचान व उनमे आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए पर्याप्त बाढ़ का इंतजाम होना है। इसके लिए एक नोडल अधिकारी भी बनाना है, जो सरकारी स्कूलों के आसपास कुत्तों की संख्या व स्कूलों में कुत्तों के घुसने से रोकने की रिपोर्टरिंग करेंगे। इसके तहत बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्रों का नोडल अधिकारी बनाकर स्कूलों में आसपास कुत्तों की संख्या का ब्यौरा मांगा है, जिसके लिए विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को आदेश जारी कर शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गणना में लगाया गया है। जनवरी में ही यह रिपोर्ट शासन को पहुंचाई जाएगी। इस आदेश से शिक्षक परेशानी में है। हालांकि ठंड में अवकाश के चलते भी उन्हें स्कूलों में जाने के निर्देश दिए है, ताकि वह आवारा कुत्तों की संख्या का रिकोर्ड अपने क्षेत्रवार एकत्रित कर लें।
बीएसए ने कहा…
बेसिक शिक्षा निदेशक की तरफ से आदेश प्राप्त हुआ है कि स्कूलों में आसपास आवारा कुत्तों का रिकार्ड एकत्रित किया जाए। कुत्तों को स्कूलों में प्रवेश से रोकने के लिए चार दीवारी आदि इंतजाम स्कूलों में पूर्ण कराएं। बच्चों के काटने से भी बचाने की जिम्मेदारी निभाई जाए। इसके चलते खंड शिक्षा अधिकारियों को नोडल बनाकर शिक्षकों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
– संदीप कुमार, बीएसए

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