
लोकपथ लाइव, गाजियाबाद। गाजियाबाद जनपद में प्रदूषण का ग्राफ एक बार फिर डराने लगा है। पिछले 24 घंटों के दौरान शहर के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में दर्ज किया गया है। स्मॉग की चादर लिपटने के कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इलाकों का हाल: कहाँ कितनी ज़हरीली हुई हवा
प्रदूषण विभाग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, वसुंधरा इलाका जिले में सबसे प्रदूषित रहा, जहाँ AQI का स्तर 295 तक जा पहुँचा है। वहीं लोनी और इंदिरापुरम में भी हालात चिंताजनक हैं, जहाँ सूचकांक क्रमशः 293 और 290 रिकॉर्ड किया गया। शहर का औसत AQI भी 267 के साथ ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में बना हुआ है।
स्थान |
AQI मान |
श्रेणी |
वसुंधरा |
295 |
बहुत खराब (Very Poor) |
लोनी |
293 |
बहुत खराब (Very Poor) |
इंदिरापुरम |
290 |
बहुत खराब (Very Poor) |
गाजियाबाद (औसत) |
267 |
बहुत खराब (Very Poor) |
संजय नगर |
191 |
खराब (Poor) |
संजय नगर में मामूली राहत शहर के अन्य हिस्सों के मुकाबले संजय नगर में स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर दर्ज की गई, जहाँ AQI 191 रहा। हालांकि यह स्तर भी ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में आता है, लेकिन अन्य इलाकों की तुलना में यहाँ की हवा कुछ कम ज़हरीली है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को सुबह के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM 2.5) फेफड़ों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। प्रशासन द्वारा निर्माण कार्यों और कूड़ा जलाने पर पाबंदी के बावजूद प्रदूषण के इन आंकड़ों ने पर्यावरण विभाग की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
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