
राजनीति में कभी फुलस्टॉप नहीं होता, नए सांसदों को हमेशा सीखना चाहिए: पीएम मोदी बोले
ओ.पी. पाल (लोकपथ लाइव), नई दिल्ली: संसद के उच्च सदन राज्यसभा में आज का दिन स्मृतियों और कृतज्ञता के नाम रहा। अप्रैल से जुलाई के बीच अपना कार्यकाल पूरा कर रहे 25 राज्यों के 59 सदस्यों को बुधवार के दिन सदन में औपचारिक विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और स्वयं उपसभापति हरिवंश ने अपने अनुभव साझा किए। विदाई भाषण में उपसभापति हरिवंश काफी भावुक नजर आए।


राज्यसभा के सभापित सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरु होने पर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और डिप्टी चेयरमैन हरिवंश समेत 25 राज्यों के 59 सदस्य कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, इनमें से राज्यसभा के 37 सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, जिसके लिए हाल में हुए चुनाव में कई सदस्य फिर से चुन लिए गये है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि रिटायर हो रहे सदस्यों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने विशेष रूप से उपसभापति हरिवंश की सराहना करते हुए कहा कि कठिन और संकट के समय उन्होंने सदन की कार्यवाही को बखूबी चलाया। पीएम ने मजाकिया लहजे में रामदास अठावले का जिक्र करते हुए कहा कि सदन को उनकी कविताओं और व्यंग्य की कमी खलेगी। पीएम मोदी ने सदन से रिटायर हो रहे पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, शरद पवार, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की भी खूब तारीफ की और कहा राजनीति में फुल स्टॉप नहीं होता। सदन में नया समूह पुराने अनुभवी लोगों से सीखता है, यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। पीएम मोदी ने कहा कि सदन एक ओपन यूनिवर्सिटी की तरह है, नए सांसदों को हमेशा सीखना चाहिए। रिटायर सदस्य नए कार्यों के लिए आगे बढ़ रहे हैं और उनका अनुभव लोकतंत्र को मजबूत करता है।

देश की बढ़ती साख पर गर्व: हरिवंश
उपसभापति हरिवंश अपने विदाई संबोधन में काफी भावुक नजर आए। उन्होंने अपनी छोटी दुनिया और जयप्रकाश नारायण व चंद्रशेखर जैसे महापुरुषों के प्रभाव का जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया जो उन्हें सार्वजनिक जीवन में लाए। वहीं प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए के सभी दलों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। हरिवंश ने 1994 के अपने पहले विदेश दौरे और वर्तमान भारत के सामर्थ्य की तुलना करते हुए देश की बढ़ती साख पर गर्व व्यक्त किया।
मल्लिकार्जुन खड़गे का कटाक्ष और स्नेह
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने 54 साल के संसदीय अनुभव को साझा करते हुए कहा कि राजनीति में इंसान कभी ‘टायर्ड’ (थका हुआ) या ‘रिटायर्ड’ नहीं होता। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा पर चुटकी लेते हुए कहा कि जाने क्या हुआ उनको, प्रेम हमारे साथ किया और शादी मोदी साहब के साथ कर ली।” खड़गे ने अठावले की कविताओं पर भी तंज कसा कि उनकी कविताएं सिर्फ पीएम मोदी के लिए ही निकलती हैं। विदाई के इस मौके पर सदन की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। खड़गे ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जितनी दूरी कम होगी, गलतफहमियां उतनी ही कम होंगी। रिटायर हो रहे सदस्यों में शक्ति सिंह गोहिल, नीरज डांगी और फूलोदेवी नेताम जैसे मुखर चेहरों के योगदान को भी याद किया गया।










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