
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मुजफ्फरनगर के विद्यालय प्रतिस्पर्धा की दौड़ में आगे निकल रहे हैं। स्वच्छ व हरित विद्यालय योजना के अंतर्गत जिले के आठ विद्यालयों का चयन जनपद स्तर पर किया गया है। इनमें सरकारी और निजी दोनों प्रकार के विद्यालय शामिल हैं। चयनित विद्यालयों की सूची बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार कर शासन को लखनऊ भेज दी गई है। अब इन विद्यालयों का मूल्यांकन प्रदेश स्तर पर किया जाएगा, जिसके बाद विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पुरस्कार मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के स्कूलों में गुणवत्ता व पढ़ाई के साथ पर्यावरण को बेहतर करने में प्रतिस्पर्धा शुरू कराई है। इस योजना का नोडल अधिकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी को बनाया गया है। विभाग ने पिछले कुछ महीनों में स्वच्छ व हरित विद्यालय की श्रेणी में चयन के लिए विद्यालयों को कई मानकों पर परखा गया। इनमें विद्यालय परिसर में सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, जल की गुणवत्ता, शौचालयों की साफ-सफाई, उनका नियमित संचालन एवं अनुरक्षण प्रमुख बिंदु रहे। इसके अलावा विद्यार्थियों और शिक्षकों में स्वच्छता को लेकर व्यवहार परिवर्तन, जागरूकता कार्यक्रम तथा क्षमता निर्माण गतिविधियों को भी चयन का आधार बनाया गया।
मिशन लाइफ के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विद्यालयों द्वारा की गई हरित पहल को भी विशेष महत्व दिया गया। इसमें पौधरोपण, प्लास्टिक मुक्त परिसर, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और ऊर्जा बचत जैसे प्रयास भी शामिल रहे। इसमें जिले के आठ विद्यालय चयनित हुए है, जिनकी सूची लखनऊ भेजी गई। इस संबंध में बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि चयनित विद्यालयों ने स्वच्छता और हरियाली के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया है। प्रदेश स्तर पर चयन होने पर ये विद्यालय जिले का नाम प्रदेश भर में रोशन करेंगे।
जिला स्तर पर यह विद्यालय हुए चयनित
जिला स्तर पर स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों में चरथावल का रविंद्रनाथ वर्ल्ड स्कूल, शहर से भागवंति सरस्वति विद्या मंदिर, द एसडी पब्लिक स्कूल, मोरना का अलट आवासीय विद्यालय, दीन मौहम्मद राजकीय इंटर कालेज, खतौली का पीएस आदमपुर, बुढ़ाना का कस्तूरबा गांधी आवायी विद्यालय, चरथावल का जूनियर हाई स्कूल कलान शामिल है।
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