
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश सरकार की कौशल और रोजगार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता आज जनपद मुजफ्फरनगर के नुमाइश मैदान में साक्षात दिखाई दी। यहाँ आयोजित वृहद रोजगार मेले में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि चारों ओर केवल उत्साह और सुनहरे भविष्य की उम्मीदें नजर आईं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और राजकीय आईटीआई के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।


10 युवाओं को मंच से मिले नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेले में पहुँचकर न केवल युवाओं का हौसला बढ़ाया, बल्कि अपने हाथों से 10 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र (Offer Letters) भी सौंपे। मंच पर बुलाकर अक्षत गर्ग, रति त्यागी, केशव, अनुज धीमान, युवराज सिंह, अंशिका गोयल, शिवानी और वैशाली आदि को जब मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिए, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश का युवा अब ‘जॉब सीकर’ नहीं बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनने की ओर अग्रसर है।

पंजीकरण और चयन के आंकड़े
इस रोजगार मेले की सबसे बड़ी सफलता रिक्तियों और युवाओं के भारी पंजीकरण में देखी गई। राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य मुकेश प्रताप सिंह ने बताया कि मेले में कुल 32,102 पद उपलब्ध थे, जिसके सापेक्ष मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडल के 18 जनपदों से आए 25,048 युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया।
दिन भर चले गहन साक्षात्कार के दौर में 8,343 युवाओं का इंटरव्यू हुआ, जिनमें से 5,122 युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में जॉब ऑफर सुरक्षित किए गए। मेले में टाटा मोटर्स, फ्लिपकार्ट, एलएंडटी, जेप्टो और पेटीएम जैसी 227 से अधिक बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया। विशेष बात यह रही कि स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 20 से 25 स्थानीय कंपनियाँ भी इस मेले का हिस्सा बनीं।
आकर्षक वेतन और तकनीकी अवसर
चयनित युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के आधार पर 12,500 से लेकर 50,000 प्रति माह तक के आकर्षक वेतन प्रस्ताव दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाने के लिए जिले में नए ट्रेनिंग सेंटर्स और ‘सेंटर ऑफ इनोवेशन’ की भूमिका पर भी जोर दिया, ताकि भविष्य में और भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।












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