
LP Live, Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर के निजी स्कूलों में हो रही घटनों के बाद जांच में स्कूलों का गडबड़झाला सामने आ रहा है। कहीं बिना मान्यता स्कूलों का संचालन हो रहा है, तो कहीं पांचवीं तक की मान्यता पर आठवीं तक की कक्षाओं चलाई जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों की संख्या 1730 है, लेकिन जिले संचालित हो रहे विद्यालयों की संख्या 2500 से अधिक है। बीएसए बिना मान्यता विद्यालय चिन्हित करने के लिए बीईओ को कई बार निर्देश दे चुके हैं, लेकिन बीईओ अपने स्तर पर एक भी बिना मान्यता विद्यालय पिछले दो वर्ष में चिन्हित नहीं कर पाए हैं, यह हाल तब है, जब कई क्षेत्रों में एक बीईओ का कार्यकाल तीन वर्ष से भी ज्यादा हो चुका है।


केस-1, बुढ़ाना जमन पब्लिक स्कूल मान्यता से ज्यादा चला रहा था कक्षाएं
मुजफ्फरनगर में मान्यता को ठेंगा दिखाकर संचालित होने वाले विद्यालयों की कहानी विभिन्न घटनाओं के साथ सामने आ रही है। बुढ़ाना में बस स्टैंड के पास संचालित जमन पब्लिक स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ की घटना हुई तो मामला खुलता चला गया। बीएसए संदीप कुमार ने स्वयं पहुंचकर विभागीय पड़ताल कर कार्रवाई शूरू की। पांचवीं कक्षा तक की मान्यता लेकर आठवीं कक्षा तक विद्यालय का संचालन हो रहा था, जिसका रिकार्ड भी बीएसए ने कब्जे में लिया है। आसपास के विद्यालयों से समन्वय कर फर्जी तरीके छात्र-छात्राओं को मार्कशीट देकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था, जिसकी कार्रवाई की जद में मार्कशीट देने वाले स्कूल भी आएंगे।

केस-2, थप्पड़ प्रकरण में नेहा पब्लिक स्कूल पर नहीं मिली थी मान्यता: मुजफ्फरनगर में थप्पड़ प्रकरण में सामने आए खुब्बापुर में संचालित नेहा पब्लिक स्कूल भी बिना मान्यता चल रहा था, जो खतौली ब्लाक में आता है। आज भी वहां के बीईओ पंकज अग्रवाल हैं, जो उस घटना के समय से वहां तैनात थे। घटना के बाद तत्कालीन बीएसए शुभम शुक्ला ने विद्यालय को बंद कराया था।
केस-3, छात्रा से छेडछाड़ के बाद बंद हुआ था नगर का स्कूल: करीब दो वर्ष पूर्व बीएसए मायाराम के कार्यकाल में नगर क्षेत्र के बीईओ ज्योति प्रकाश तिवारी ने हनुमान चौक के पास ढ़ाल क्षेत्र में प्रधानाचार्य द्वारा नाबालिग छात्रा से छेडछाड़ होने पर विद्यालय की जांच की थी, जिसमें वह विद्यालय बिना मान्यता चलता मिला था। यह तीन मामले घटना होने के बाद सामने आए थे, जो शिक्षा विभाग के अफसरों की बिना मान्यता संचालन होने वाले स्कूलो पर दिख रही मेहरबानी की पोल खोलते हैं।
क्या कहते है बीएसए संदीप कुमार: बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि आठवीं तक मान्यता वाले विद्यालयों की विभाग में सूची है। इसके अलावा संचालित अन्य विद्यालयों की जांच की जाएगी। गैर मान्यता वाले स्कूलों पर कार्रवाई कर बंद कराएंगे। इसके लिए बीईओ को पहले भी कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब सप्ताह में एक दिन चिन्हित कर विशेष अभियान चलाएंगे, ताकि बच्चों के भविष्य से खिलालवाड़ की घटनाएं रोकी जाए। इन स्कूलों से समन्वय करने वाले स्कूलों की भी जांच होगी।











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