
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर (ओ.पी. पाल वरिष्ठ पत्रकार)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में ‘सत्ता का द्वार’ कहे जाने वाले मुजफ्फरनगर से कल यानी सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकने की तैयारी है। मौका भले ही वृद्ध रोजगार मेले का है, लेकिन मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की जुगलबंदी सीधे तौर पर चुनावी बिसात बिछाने का संकेत दे रही है। सदर विधानसभा क्षेत्र में होने वाला यह आयोजन केवल सरकारी मेला भर नहीं है, बल्कि स्थानीय विधायक और राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के लिए ‘नंबर गेम’ की परीक्षा है।


अग्निपरीक्षा के दौर में कपिल देव अग्रवाल: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस कार्यक्रम की सफलता पर ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्री कपिल देव अग्रवाल को 2027 के लिए ‘रिपोर्ट कार्ड’ देंगे। यही कारण है कि राज्यमंत्री ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। मुजफ्फरनगर में अहिल्याबाईचौक की सुंदरता निखारने से लेकर कच्ची सड़क को रातों-रात पक्का करने तक का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। कपिल देव अग्रवाल जानते हैं कि भीड़ का हुजूम और व्यवस्था की चकाचौंध ही लखनऊ तक उनकी धमक मजबूत करेगी।

सियासी समीकरण और रणनीतिक दौरे: मुख्यमंत्री का यह दौरा कई मायनों में खास है। देवी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति का अनावरण कर जहां पिछड़ा वर्ग और सांस्कृतिक गौरव को साधने की कोशिश है, वहीं दिवंगत वरिष्ठ भाजपा नेता बिजेंद्र पाल के आवास पर जाने की संभावना को सहानुभूति और पुराने कार्यकर्ताओं को जोड़ने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए कपिल देव अग्रवाल खुद कमान संभाले हुए हैं। कचहरी में वकीलों से लेकर बाजार में व्यापारियों और विभिन्न समुदायों के साथ बैठकों का दौर जारी है। उनका लक्ष्य है कि जब सीएम योगी और जयंत चौधरी मंच पर हों, तो सामने मौजूद जनसैलाब उनकी संगठनात्मक क्षमता का लोहा मनवा दे। निश्चित रूप से सोमवार का यह सूरज मुजफ्फरनगर की राजनीति में नई तपिश लेकर आएगा, जिसका सीधा असर 2027 के टिकट वितरण और सियासी समीकरणों पर पड़ना तय है।
देवी अहिल्याबाई मृर्ति के अनावरण कार्यक्रम में पहुंचेंगे प्रो. एसपी सिंह बघेल












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