
लोकपथ लाइव, लखनऊ/मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा के एक प्रश्नपत्र में ‘पंडित’ शब्द के नकारात्मक चित्रण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने इस शब्दावली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक समरसता के विरुद्ध बताया है।


क्या है पूरा मामला?
दरअसल, परीक्षा के प्रश्नपत्र में “अवसर के अनुसार अपना पक्ष बदलने वाले व्यक्ति” के लिए विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया था। इस पर आपत्ति जताते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी और इसे भारतीय संस्कृति का अपमान करार दिया।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से आग्रह किया है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
सोशल मीडिया पर उठाई आवाज
राज्यमंत्री ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित शीर्ष नेतृत्व को टैग करते हुए यह संदेश दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक सम्मान और सांस्कृतिक गरिमा की रक्षा करना शासन और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

“किसी प्रतियोगी परीक्षा में इस प्रकार की शब्दावली का प्रयोग न केवल अनुचित है, बल्कि यह सामाजिक सम्मान और समरसता के मूल्यों के भी विपरीत है।” — कपिल देव अग्रवाल, राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार











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