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यूपी में बनेगा एडवांस कम्प्यूट डेटा सेंटर, 25 अरब डॉलर का निवेश

लोकपथ लाइव, दावोस/लखनऊ।  उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर टीम योगी को दावोस में जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में बड़ी सफलता मिली है। एएम ग्रीन ग्रुप ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक ऐतिहासिक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 1 गीगावाट क्षमता का अत्याधुनिक कंप्यूट डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो भारत में हाई परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग (एचपीसी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते वर्कलोड से जुड़ी जरूरतों को पूरा करेगा। यह समझौता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख डेटा सेंटर और एआई हब बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।
25 अरब डॉलर का निवेश, 2030 तक पूरा होगा लक्ष्य
एएम ग्रीन ग्रुप द्वारा स्थापित किया जाने वाला यह एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण की शुरुआत वर्ष 2028 तक हो जाएगी, जबकि कंपनी के लक्ष्य के अनुसार 2030 तक यह सेंटर पूरी 1 गीगावाट क्षमता के साथ काम करने लगेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में एएम ग्रीन समूह 25 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा, जो भारत में अब तक के सबसे बड़े निवेशों में एक होगा। यह भारत सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप एआई आधारित सेवाओं के विस्तार में तेजी लाने में सहायक साबित होगा।
5 लाख हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स
इस मेगा डेटा सेंटर में 5 लाख अत्याधुनिक चिपसेट्स लगाए जाएंगे, जो हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (एचपीसी) और एआई आधारित सेवाओं को गति देंगे। यह सुविधा वैश्विक हाइपरस्केलर्स, फ्रंटियर लैब्स, उद्यमों और भारत की एआई आधारित पहलों को बड़े पैमाने पर सहयोग करेगी। यह डेटा सेंटर कार्बन मुक्त ऊर्जा का इस्तेमाल करते हुए भारतीय डेवलपर्स को भी चिपसेट एक्सेस उपलब्ध कराएगा, ताकि वे तेजी से देश में एआई सॉल्यूशंस का विकास कर सकें। एएम ग्रीन यहां एआई फुल स्टैक इकोसिस्टम डेवलप करने पर काम कर रही है।
योगी सरकार की नीति से यूपी बना टा सेंटर हब
उत्तर प्रदेश सरकार की डेटा सेंटर पॉलिसी, मजबूत औद्योगिक कॉरिडोर, बेहतरीन कनेक्टिविटी और निवेशक अनुकूल माहौल के चलते एएम ग्रीन ग्रुप ने यूपी को इस परियोजना के लिए चुना है। यह सुविधा 24×7 कार्बन-फ्री ग्रीन एनर्जी पर आधारित होगी, जिसमें पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पंप्ड स्टोरेज का उपयोग किया जाएगा। इससे योगी सरकार की हरित ऊर्जा और सतत-स्वच्छ विकास की नीति को भी मजबूती मिलेगी।
रोजगार, एफडीआई और न्यू टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को बढ़ावा
इस परियोजना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आने की संभावना है। साथ ही हजारों उच्च–कौशल रोजगार सृजित होंगे। इससे हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और विशेष कूलिंग टेक्नोलॉजी से जुड़ा स्थानीय इकोसिस्टम विकसित होगा। एएम ग्रीन ग्रुप के चेयरमैन अनिल चलमलसेट्टी ने कहा कि एआई हमारे दैनिक जीवन से जुड़ चुका है, यह भविष्य की आधारशिला भी है। एआई फुल-स्टैक इकोसिस्टम में हमारा प्रवेश हमारी ‘टेक्नोलॉजी-फर्स्ट’ सोच का स्वाभाविक विस्तार है, जिसके माध्यम से हम विभिन्न उद्योगों के लिए एकीकृत एंड-टू-एंड समाधान उपलब्ध कराएंगे।
कंपनी के प्रेसिडेंट महेश कोल्ली ने योगी सरकार के सहयोग को इस परियोजना की सफलता की अहम कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि 1 गीगावाट कंप्यूट क्षमता को हमारी 24×7 ग्रीन पावर सॉल्यूशंस के साथ जोड़कर हम केवल एक डेटा सेंटर नहीं बना रहे हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के भविष्य के लिए एक टिकाऊ मॉडल तैयार कर रहे हैं।

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