
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं से नोट धनराशि मिलने का मामला सामने आने के बाद परीक्षार्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कॉपियों के अंदर 100 से लेकर 500 रुपये तक के नोट मिलने से करीब 150 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम फंस गया है। इस कार्रवाई के विरोध में परेशान छात्र-छात्राओं ने अब अपनी सफाई देते हुए परीक्षा कक्ष की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की मांग की है।

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बुधवार को जीआईसी सिसौली और अन्य विद्यालयों की कुछ छात्राएं जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय पहुंचीं। हालांकि, डीआईओएस हरिकेश यादव के कार्यालय में मौजूद न होने पर छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा पटल प्रभारी और अन्य लिपिकों से मुलाकात करके अपनी समस्या रखी।
मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय में हुई थी सुनवाई
बारहवीं कक्षा की छात्राओ ने बताया कि उन्हें इस मामले में मेरठ स्थित यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय बुलाया गया था, जहां उन्हें वह कॉपी दिखाई गई जिसमें नोट रखे हुए थे। उनके अनुसार, वहां अन्य छात्र-छात्राएं और संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी मौजूद थे, जिनकी कॉपियों में भी इसी प्रकार नोट मिले थे। कुल 150 कॉपियों में नोट मिलने के इस प्रकरण पर वहां सुनवाई की गई थी।
छात्राओं ने खड़े किए सवाल
छात्राओं का कहना है कि उनकी परीक्षा जीआईसी मुजफ्फरनगर केंद्र पर हुई थी, जो पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न कराई गई थी। छात्राओं ने तर्क दिया कि यदि उन्होंने खुद कॉपियों में नोट रखे होंगे, तो वह गतिविधि निश्चित तौर पर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई होगी। उन्होंने प्रशासन व विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि निष्पक्ष जांच के लिए परीक्षा कक्ष की फुटेज खंगाली जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
अटक गया उच्च शिक्षा का भविष्य
परीक्षा परिणाम रुक जाने के कारण विद्यार्थियों के सामने उच्च शिक्षण संस्थानों (हाइयर एजुकेशन) में प्रवेश को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। समय पर रिजल्ट न आने से उनका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने की आशंका है। छात्र-छात्राओं ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे इस मामले में आगे भी उच्च अधिकारियों से गुहार लगाएंगे।
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