
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जिले के खेल जगत में बेटियों को सशक्त बनाने के लिए एक सराहनीय और नई पहल की शुरुआत की गई है। एक विद्यालय एक खेल योजना के अंतर्गत बुधवार को नगर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को विशेष रूप से बॉक्सिंग खेल के प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है। इस केंद्र पर प्रभारी क्रीड़ाधिकारी और भारतीय अंडर-19 पुरुष मुक्केबाजी टीम के पूर्व कोच भूपेंद्र सिंह ने खुद छात्राओं को मुक्केबाजी के गुर सिखाने और उन्हें आत्मरक्षा के लिए तैयार करने के लिए बालिकाओं को प्रेरित किया।
नगर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पहुंचे प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी एवं बाक्सिंग कोच भूपेंद्र यादव ने बालिाकओं को बाक्सिंग खेल के लिए प्रेरित किया। इस दौरान बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विश्व चैंपियन और पद्म विभूषण विजेता एमसी मैरी कॉम के संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक वीडियो क्लिप दिखाई गई। छात्राओं को भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मणिपुर के एक साधारण और गरीब किसान परिवार में जन्मीं मैरी कॉम ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर दुनिया में ‘मैग्निफिसेंट मैरी’ के रूप में पहचान बनाई। 15 साल की उम्र में ट्रेनिंग शुरू कर साल 2001 में पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली मैरी कॉम ने छह बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वे देश की हर बेटी के लिए रोल मॉडल हैं। उन्होंने छात्राओं को खेल विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी और खेल प्रोत्साहन योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. राजीव ने भी छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि खेल न सिर्फ शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी हैं, बल्कि आज के दौर में बेटियों के लिए आत्मरक्षा का एक अचूक हथियार भी हैं। विद्यालय की छात्राओं ने इस नई शुरुआत को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखाया और बॉक्सिंग रिंग में देश का नाम रोशन करने का संकल्प लिया। विद्यालय की वार्डन बबीता कुमारी आदि शिक्षिकाएं भी इस दौरान मौजूद रही।
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