
बकरीद के दिन सरेआम की थी सूर्या की हत्या
लोकपथ लाइव, गाजियाबाद: जनपद के खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरीद के दिन हुए सनसनीखेज सूर्या चौहान हत्याकांड में गाजियाबाद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले का मुख्य आरोपी और शातिर अपराधी असद पुलिस के साथ हुई एक भीषण मुठभेड़ में मारा गया है। वारदात के बाद से ही पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी जिले से बाहर भागने की फिराक में था और घेराबंदी होने पर उसने पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी थी, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हो गया।


घेराबंदी हुई तो पुलिस पर तान दिया तमंचा
खोड़ा पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि सूर्या चौहान की हत्या का मुख्य आरोपी असद इलाके के पास ही छिपा हुआ है और वहां से कहीं दूर भागने के लिए किसी वाहन का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान की घेराबंदी कर दी। खुद को पुलिस के चक्रव्यूह में फंसा देख असद ने आत्मसमर्पण करने के बजाय अपनी कमर से तमंचा निकाला और भागने की नीयत से पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद को बचाया और उसे चेतावनी दी, लेकिन जब वह नहीं रुका तो पुलिस को भी गोलियां चलानी पड़ीं।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम
पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में कई गोलियां असद को लगीं और वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा। मुठभेड़ शांत होने के बाद पुलिस टीम ने उसे तुरंत अभिरक्षा में लिया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से एक अवैध असलहा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
बकरीद के दिन इलाके में फैलाई थी दहशत
गौरतलब है कि आरोपी असद ने बकरीद के पवित्र त्योहार के दिन खोड़ा इलाके में सरेआम सूर्या चौहान नाम के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद से ही पूरे क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल था। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग लगातार हत्यारों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
पुलिस प्रशासन का बयान:”बकरीद के दिन हुई हत्या के बाद से ही असद हमारी रडार पर था। वह बेहद शातिर किस्म का अपराधी था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। आज जब हमारी टीम ने उसे दबोचने का प्रयास किया, तो उसने पुलिस पर जानलेवा हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस मामले में संलिप्त किसी भी अन्य मददगार को बख्शा नहीं जाएगा।”असद के मारे जाने के बाद खोड़ा इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि फरारी के दौरान असद को किन-किन लोगों ने पनाह दी थी और इस हत्याकांड के पीछे की मुख्य रंजिश क्या थी।











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