Select Language :

Home » धर्म » शुकतीर्थ की पावन धरा पर बरसेगा राम नाम का अमृत, मोरारी बापू की 977वीं रामकथा का शंखनाद

शुकतीर्थ की पावन धरा पर बरसेगा राम नाम का अमृत, मोरारी बापू की 977वीं रामकथा का शंखनाद

मुजफ्फरनगर के शुक्रताल में आध्यात्मिक महासंगम, 2 मई से होगा भव्य आगाज, 170 देशों के श्रद्धालु बनेंगे साक्षी
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: आध्यात्मिक ऊर्जा, अटूट श्रद्धा और भक्ति के संगम का ऐतिहासिक क्षण एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की देहरी पर दस्तक दे रहा है। विश्व विख्यात कथा व्यास संत मोरारी बापू के श्रीमुख से पावन धाम शुकतीर्थ (शुक्रताल) में आगामी 2 मई से 10 मई तक दिव्य श्रीराम कथा की अमृत वर्षा होने जा रही है।

How to Make a News Portal

गुरुवार को रुड़की रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आयोजन समिति के सदस्य सत्य प्रकाश रेशु ने बताया कि यह बापू की 977वीं रामकथा है। विशेष बात यह है कि शुकतीर्थ में बापू का यह छठा आगमन है, जो इस प्राचीन नगरी के आध्यात्मिक गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। इस महाआयोजन के मुख्य यजमान युगांडा निवासी एनआरआई चेतन भाई होंगे। आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका सीधा प्रसारण आस्था और चित्रकूट जैसे प्रमुख आध्यात्मिक चैनलों के माध्यम से विश्व के 170 देशों में लाइव किया जाएगा। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से निस्वार्थ और पारमार्थिक आयोजन है, जिसमें किसी भी प्रकार का सार्वजनिक चंदा नहीं लिया गया है।

शुकदेव आश्रम में सजेगा वातानुकूलित पांडाल
कथा श्री शुकदेव आश्रम के विशाल प्रांगण में आयोजित होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं।
भव्य पांडाल: भीषण गर्मी को देखते हुए विशाल वातानुकूलित (एसी) मंडप तैयार किया गया है।
सुविधाएं: शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, 24 घंटे बिजली बैकअप और विशाल पार्किंग स्थल।
सुरक्षा व स्वास्थ्य: एंबुलेंस, डॉक्टरों की टीम, फायर ब्रिगेड और ‘खोया-पाया केंद्र’ की तैनाती रहेगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा
शुभारंभ: 2 मई (गुरुवार) सायं 4:00 बजे से।
नियमित समय: 3 मई से 10 मई तक प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक।
प्रसाद वितरण: प्रतिदिन कथा विश्राम के बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध सात्विक भोजन (भंडारा) की व्यवस्था की गई है।

शुकतीर्थ को विश्व पटल पर लाने का प्रयास
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि वे इस आयोजन में एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में सेवा देंगे। वहीं प्रदीप जिंदल और दिलीप पुनेवाला ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य शुकतीर्थ की महिमा को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करना और युवा पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति व संस्कारों से जोड़ना है। प्रेस वार्ता में बताया गया कि इस नौ दिवसीय उत्सव में देश के नामचीन संत-महात्मा, राजनेता, फिल्मी जगत की हस्तियां, प्रसिद्ध कवि और विचारक भी शिरकत करेंगे। आयोजन समिति कथा के साथ-साथ गौ सेवा और वृक्षारोपण जैसे सामाजिक कार्यों को भी आगे बढ़ा रही है।

 

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

वोट करें

Are You Satisfied Lokpath Live

Our Visitor

1 0 1 5 4 2
Total views : 296664

Follow us on