
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद में गैस उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सिलेंडर की उपलब्धता से ज्यादा अब ‘केवाईसी’ (KYC) और तकनीकी खामियों ने ग्राहकों की नींद उड़ा रखी है। जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन सर्वर की सुस्त रफ्तार और बुकिंग की समस्याओं के कारण काम घंटों लटका रहता है।
2 लाख से ज्यादा उपभोक्ता प्रभावित: जिले में कुल 6,40,444 पंजीकृत गैस उपभोक्ता हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 2,47,646 उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं, जबकि 2,791 व्यावसायिक कनेक्शन धारक हैं। चिंताजनक पहलू यह है कि दो लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं की केवाईसी अभी भी पेंडिंग है। जिन उपभोक्ताओं ने लंबे समय से सिलेंडर नहीं लिया है, उन्हें अनिवार्य केवाईसी के लिए घंटों लाइनों में पसीना बहाना पड़ रहा है।
एजेंसियों पर हंगामा और अजीबो-गरीब समस्याएं: शहर के आर्यपुरी स्थित आनुधिक गैस सर्विस और दीपक गैस एजेंसी पर लाइन में लगे रहने से उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे रहा है। वार्ड-44 के सभासद इरशाद अंसारी और सरवट गेट निवासी सुमन देवी सहित अनेक उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके पास सिलेंडर बुक करने से पहले ही ‘डिलीवरी सफल’ होने के फर्जी मैसेज आ रहे हैं। वहीं, कई ग्राहकों की स्क्रीन पर पुरानी बुकिंग ही दर्शाई जा रही है, जिससे वें नया सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं।
प्रशासन का पक्ष: “किल्लत नहीं, तकनीकी सुधार जारी” बढ़ते हंगामे और लंबी लाइनों पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) ओमहरि वाजपेई ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सर्वर पर अत्यधिक दबाव के कारण कुछ तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। सभी गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अतिरिक्त काउंटर लगाकर केवाईसी प्रक्रिया में तेजी लाएं और तकनीकी गड़बड़ियों को जल्द से जल्द दूर कर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करें। जिले में प्रतिदिन 14 हजार से ज्यादा गैस सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है।
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