
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। प्रदूषण विभाग के नियमों की अनदेखी करने पर जिले के 18 औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आनलाइन सतत निगरानी प्रणाली के यंत्र नहीं लगाने वाली औद्योगिक इकाइयों को चिह्नित किया। इनके विधुत कनेक्शन काटने के लिए विधुत विभाग को भी पत्र भेजकर उद्योगों को नोटिस देकर चेताया गया है। इनमे पेपर मिल, रोलिंग मिल सहित लोहा व टैक्सटाइल उद्योग शामिल है।


(सीपीसीबी) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण की ऑनलाइन निगरानी के लिए ऑनलाइन सतत निगरानी
प्रणाली (ओसम) लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे सीपीसीबी व प्रबंधन सीधे वायु प्रदूषण की आनलाइन निगरानी एवं उसकी जांच कर सकेगी। इस संसाधन की कनेक्टिविटी सीधे उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग तक रहेगी। इसके लिए चिमनियों पर कैमरा, संसाधन लगाने हैं। 31 दिसंबर 2025 तक ये प्रणाली सभी इकाइयों पर लगनी थी, लेकिन कुछ उद्योगों ने व्यवस्था करने में लापरवाही बरत रखी है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी गीतेश चंद्रा ने बताया कि इसको लेकर ऐसी 18 इकाइयों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू की है। संचालकों को नोटिस जारी कर विद्युत कनेक्शन काटने के लिए विधुत विभाग से सहयोग मांगा है। इसमें कई इकाइयां बेगराजपुर, रुड़की रोड समेत धंधेड़ा की शामिल है।

इन 18 इकाइयों पर कार्रवाई हुई शुरू
वहलना की बाहुबली स्टील, मित्तल कास्टिंग एंड इंजीनियरिंग, रूड़की रोड की तारा टेक्नो मशीन, उज्ज्वल कास्टिंग, सुमन इंजीनियरिंग एंड केमिकल, हुसैनपुर बोपाड़ा बेगराजपुर की एमआर मेटल वर्क्स, आरके मेटल वर्क्स, प्रिंस मेटल एवं एलाेयल्स, श्रीमेटल वर्क्स, ताज मेटल, पीएसआर मेटल बेगराजपुर, जेपीडी मेटल खांजापुर, बुढ़ाना रोड, तालिब मेटल, एमएसक्यू धंधेड़ा, जय माहेश्वरी एलोयल्स पुरकाजी बाहर हदूद, एमएसए स्टील जड़ौदा, अंकुर फर्टिलाइजर बुढ़ाना रोड, एमएलआर फूड्स पर कार्रवाई की गई है।











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