
योगी सरकार ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण, सपा विधायकों ने सदन में किया जमकर हंगामा
20 फरवरी तक चलेगा बजट सत्र, 11 फरवरी को पेश होगा सामान्य बजट
लोकपथ लाइव, लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। इस दौरान विपक्षी विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा और नारेबाजी की। सत्र के पहले दिन यूपी सरकार ने अपना आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। सरकार का यह 10वां बजट सत्र 20 फरवरी तक चलेगा। सत्र के दौरान 2026-27 का सामान्य बजट 11 फरवरी को प्रस्तुत होगा।


उत्तर प्रदेश विधानसभा के सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत की। राज्यपाल ने संयुक्त सदन (विधानसभा व विधान परिषद) को संबोधित करते हुए योगी सरकार की उपलब्धियों और सरकार की भावी योजनाओं का बखान करते हुए कहा कि राज्य में छह करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्ति मिली है। सरकार की कठोरता और संवेदनशीलता के संतुलित दृष्टिकोण ने संगठित अपराध और माफिया तंत्र पर निर्णायक नियंत्रण स्थापित किया है। आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग, पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण, त्वरित एवं प्रभावी न्याय व्यवस्था तथा पारदर्शी प्रशासनिक प्रणालियों के माध्यम से प्रदेश में भयमुक्त और विश्वासपूर्ण वातावरण तैयार हुआ है। यही सुरक्षित परिवेश उत्तर प्रदेश को उद्योग, व्यापार, स्टार्टअप, निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए देश के सर्वाधिक आकर्षक और भरोसेमंद राज्यों में स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि नवंबर 2019 से अब तक 129 अपराधियों को अलग-अलग अभियोगों में आजीवन कारावास अथवा अन्य अवधि के कारावास व अर्थदंड से दंडित कराया गया है। दो को मृत्युदंड की सजा हुई है। राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक कुल 267 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए। 977 अभियुक्तों को रासुका के तहत निरुद्ध किया गया। साथ ही माफिया अपराधियों से 04 हजार 137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति जब्त की जा चुकी है। वहीं सीएम ने कहा कि विधान मंडल वाकई डेमोक्रेसी का एक जरूरी पिलर है। यह बातचीत से काम करती है, कार्यवाही में रुकावट डालकर नहीं। अगर कोई सदस्य कोई मुद्दा उठाना चाहता है, तो कार्यवाही में रुकावट डालना, एक तरह से, उन्हीं मुद्दों को कमज़ोर करने की कोशिश है जिन पर वे ध्यान खींचना चाहते हैं।
‘राज्यपाल गो बैक’ के नारे
सदन में सोमवार को 11 बजे जैसे ही राज्यपाल ने अपना अभिभाषण शुरू किया, तो सपा विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। विधायकों ने ‘राज्यपाल गो बैक’ के नारे लगाए। भारी शोर-शराबे के बीच राज्यपाल को अपना भाषण रोकना पड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए नारेबाजी कर रहे विधायकों से कहा कि शांत हो जाइए, वरना गला बैठ जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के बीच पल्लवी पटेल शामिल नहीं हुईं और अपनी सीट पर ही बैठी रहीं। सपा विधायकों ने पुनरीक्षण (एसआईआर), कोडीन कफ सिरप की तस्करी, विदेश नीति, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने का प्रयास किया है। सदन में सपा के विरोध के बाद विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।
आर्थिक सर्वेक्षण पेश
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। पटल पर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 34,504 करोड़ रुपये व्यय प्रस्तावित है। वित्त वर्ष 2024-25 में इसके लिए 30,530 करोड़ रुपये का खर्च किए गए थे। वहीं 2017-18 में सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए केवल 18,674 करोड़ व्यय किए गए थे। पिछले 9 वर्षों में ये वृद्धि दिखाती है कि वर्तमान सरकार ‘सबका साथ- सबका विकास- सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। विधानमंडल में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार का वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करते हुए ये जानकारी दी। आर्थिक सर्वे के आंकड़े के अनुसार, प्रदेश सरकार चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के विस्तार और आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यूपी विधानसभा के इतिहास में यह पहली बार है जब कोई राज्य सरकार अपनी इकोनॉमिक उपलब्धियां पेश कर रही है।











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